
मृतक की फोटो: पत्रिका
Only Son Drowned In Chulia Waterfall: सुबह उसने मुझसे रावतभाटा दोस्तों के साथ जाने की अनुमति मांगी थी। पहले मैंने साफ मना कर दिया, लेकिन उसने कहा, ‘पापा, दोस्त घर के बाहर खड़े हैं, अब मना करूंगा तो अच्छा नहीं लगेगा।’ काश, उस समय मैं उसे जाने ही नहीं देता…। यह कहते-कहते ध्रुव के पिता नंदकिशोर की आंखें भर आईं। उनका गला रुंध गया और शब्द भी साथ छोड़ गए। रावतभाटा में पानी में डूबने से जान गंवाने वाला ध्रुव परिवार का इकलौता पुत्र था। वह 11वीं कक्षा का छात्र था और परिवार की तमाम उम्मीदों का केंद्र भी। सुबह हंसते हुए घर से निकला बेटा शाम तक हमेशा के लिए खामोश हो जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। नंदकिशोर बार-बार यही कहते रहे कि अगर उस समय बेटे की जिद नहीं मानता तो शायद आज वह उनके सामने होता। सुबह जिस बेटे को मना कर रहा था, शाम को उसी का शव घर आया। यह कहते हुए पिता की आंखों से आंसू लगातार बहते रहे। घर में पसरा सन्नाटा और परिजनों का विलाप हर किसी को झकझोर रहा था। बेटे के बिछड़ने का दर्द पिता के शब्दों में साफ झलक रहा था, जिसे सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
रावतभाटा के चुलिया जल प्रपात पर रविवार को पैर फिसलने से पानी में डूबकर कोटा के संजय नगर निवासी ध्रुव (16) पुत्र नंदकिशोर बैरागी की मौत हो गई। ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ घूमने आया था। झरने के ऊपर चट्टानों पर सेल्फी लेते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी खाई में गिर गया। हादसे के बाद उसके दोस्त घबरा गए और करीब 40 मिनट बाद ध्रुव के पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर विधायक संदीप शर्मा ने प्रशासन को अवगत कराया। तहसीलदार विवेक गरासिया, पुलिस उपाधीक्षक शंकरलाल मीणा और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे के रेस्क्यू अभियान के बाद ध्रुव का शव बाहर निकाला गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
ध्रुव सुबह करीब पांच बजे उठकर अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए निकला था। सभी पहले पाड़ाझर झरने पहुंचे लेकिन वहां झरना बंद होने के कारण चुलिया जलप्रपात चले गए। दोपहर करीब 11 बजे सेल्फी लेते समय यह हादसा हो गया। उसके पिता नंदकिशोर बैरागी भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं और दादा सत्यनारायण बैरागी संजय गांधी नगर अखाड़े के उस्ताद हैं। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
रावतभाटा क्षेत्र में रील और सेल्फी के दौरान हादसों के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 30 जुलाई 2023 को कोटा आरटीयू के दो छात्रों की पाड़ाझर झरने में डूबने से मौत हो गई थी और 31 जुलाई को कोटा निवासी धनराज सुमन की चुलिया जलप्रपात में डूबने से जान चली गई थी। लगातार हो रहे ऐसे हादसे लोगों के लिए चेतावनी हैं कि पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों का पालन करें और खतरनाक जगहों पर सेल्फी या रील बनाने से बचें।
Updated on:
03 Aug 2026 02:13 pm
Published on:
03 Aug 2026 02:10 pm
