
Jhalawar Water Treatment Plant: झालावाड़ जिले के पांच शहरों की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमृत योजना के दूसरे चरण में काम युद्धस्तर पर चल रहा है। झालावाड़, झालरापाटन, अकलेरा, भवानीमंडी और पिड़ावा में पेयजल आपूर्ति का पूरा ढांचा बदला जा रहा है। इसके लिए करीब 38 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। योजना के तहत अब तक पांचों शहरों में करीब 50 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। खास बात यह है कि पुराने जलापूर्ति सिस्टम को मजबूत करने के साथ उन क्षेत्रों को भी योजना में शामिल किया जा रहा है, जहां अब तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता था।
योजना में शहरों की आबादी के हिसाब से पेयजल उपलब्धता का लक्ष्य तय किया गया है। अकलेरा में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 72 लीटर, झालावाड़ में 135 लीटर तथा झालरापाटन, भवानीमंडी और पिड़ावा में 100-100 लीटर पानी उपलब्ध करवाने की योजना है। इससे आने वाले समय में घरेलू पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
योजना के तहत झालावाड़ में प्रथम चरण में करीब आधा दर्जन नई टंकियों का निर्माण हो चुका है। झालरापाटन में एक नई टंकी बनाई गई है। अकलेरा में 3 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है। वहीं, भवानीमंडी में तीन और पिड़ावा में एक टंकी का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों से पानी के भंडारण और वितरण क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
अब तक कई कॉलोनियों और बाहरी इलाकों में पर्याप्त पेयजल नहीं पहुंच पाता था। पाइपलाइनों और अन्य आधारभूत ढांचे में सुधार होने से ऐसे क्षेत्रों तक भी पानी पहुंचाने का रास्ता खुलेगा। पुराने सिस्टम के कारण जहां पेयजल आपूर्ति में परेशानी थी, वहां अब समस्या दूर होगी। पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारा जा रहा है। अमृत योजना के दूसरे चरण में झालावाड़ शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है।
-अमर सिंह मीणा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, झालावाड़