
नवनिर्वाचित सरपंच कौशल्या बाई तंवर। फोटो: पत्रिका
झालावाड़। झालावाड़ जिले की गरवाड़ा ग्राम पंचायत में एक महिला ने पति के कोटा जेल में होने के बावजूद 501 मतों से जीत दर्ज की। वहीं, मोड़ी भीमसागर में राजस्थान पुलिस के ASI की पत्नी कल्पना कंवर सरपंच चुनी गईं। राजस्थान पंचायत चुनाव में जीतकर सरपंच बनने वाली इन दो महिलाओं की खूब चर्चा हो रही है।
बता दें कि परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, लोकतंत्र में जनता का फैसला ही सर्वोपरि होता है। ऐसा ही नजारा झालावाड़ जिले की गरवाड़ा ग्राम पंचायत में देखने को मिला। यहां पति नैनसिंह तंवर के कोटा जेल में होने के बावजूद उनकी पत्नी कौशल्या बाई तंवर ने चुनावी मैदान में उतरकर 501 मतों से जीत दर्ज की। इस परिणाम की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
चारडूंगरी निवासी कौशल्या बाई तंवर ने गरवाड़ा ग्राम पंचायत से सरपंच पद पर जीत हासिल कर पंचायत की कमान संभाली है। चुनाव के दौरान उनके पति के जेल में होने के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं, लेकिन मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए उन्हें अपना समर्थन दिया। परिवार के सदस्य रामप्रसाद ने बताया कि नैनसिंह को संदेह के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जो लगभग एक महीने से कोटा जेल में बंद हैं।
जेल में होने के बावजूद पत्नी कौशल्या बाई की 501 मतों से हुई जीत ने चुनाव परिणाम को खास बना दिया। इस जनादेश के साथ ही उन्हें ग्राम पंचायत के विकास और ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी मिली है। चुनाव परिणाम के बाद समर्थकों में खुशी का वातावरण रहा।
खानपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मोड़ी भीमसागर में पंचायत चुनाव का बेहद दिलचस्प परिणाम सामने आया है। यहां के मतदाताओं ने कल्पना कंवर को नया सरपंच चुना है। कल्पना की जीत के साथ ही पंचायत में खाकी और खादी के संगम की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। नवनिर्वाचित सरपंच कल्पना कंवर के पति सरदार सिंह राजस्थान पुलिस महकमे में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं और अपने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं।
अब एक ही परिवार में पति कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे तो पत्नी गांव की सरकार चलाएंगी। सरदार सिंह की पत्नी के सरपंच बनने से पूरे मोड़ी भीमसागर पंचायत में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि यह जोड़ी गांव के लिए लकी साबित होगी। जहां पति का अनुभव गांव में सुरक्षा और अनुशासन लाएगा, वहीं पत्नी के नेतृत्व में गांव की मूलभूत समस्याओं-पेयजल, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों को भरोसा है कि अब पंचायत में भी पुलिस जैसे अनुशासन और तेज गति से विकास कार्य होंगे।
Updated on:
2 Nov 2026, 11:10 AM IST
Published on:
2 Nov 2026, 11:10 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.