
झालावाड़. जिले की खानपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मरायता में नवनिर्वाचित वार्ड पंच के इस्तीफे का मामला सामने आया है। यहां वार्ड नंबर 2 से चुने गए श्रीनाथ नागर ने जीत के कुछ ही घंटे बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र खानपुर के विकास अधिकारी (BDO) सत्येंद्र सिंह सिसोदिया को सौंपा है। इस फैसले के बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर चुनाव जीतने के तुरंत बाद ही श्रीनाथ नागर ने पद छोड़ने का फैसला क्यों लिया।
मरायता ग्राम पंचायत झालावाड़ जिले की खानपुर पंचायत समिति के अंतर्गत आती है। पंचायत में कुल 9 वार्ड हैं। यहां 30 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव हुए थे। आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी पद संभालने और गांव के विकास के लिए काम करने की तैयारी करते हैं, लेकिन यहां जीत मिलने के 12 घंटों बाद इस्तीफा दे दिया गया। यही वजह है कि उनका यह कदम ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, वार्ड पंच अपना इस्तीफा विकास अधिकारी को लिखित रूप में दे सकता है। इस्तीफा मिलने के 15 दिन बाद यह प्रभावी होता है। इस दौरान संबंधित वार्ड पंच अपना इस्तीफा वापस भी ले सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि श्रीनाथ नागर अपने फैसले पर कायम रहते हैं या इस्तीफा वापस लेते हैं।
झालावाड़ जिले में पंचायत चुनाव दो चरणों में हुए। पहले चरण में 24 अक्टूबर और दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को वोट डाले गए। जिले की 8 पंचायत समितियों की 270 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुनने के लिए मतदान हुआ। पहले चरण में भवानीमंडी, डग, अकलेरा और मनोहरथाना की 128 ग्राम पंचायतों में वोटिंग हुई। वहीं, दूसरे चरण में बकानी, झालरापाटन, खानपुर और पिड़ावा की 142 ग्राम पंचायतों में लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
30 अक्टूबर को मतदान पूरा होने के बाद उसी रात मतगणना शुरू हुई और देर रात तक कई ग्राम पंचायतों के परिणाम घोषित कर दिए गए। इसके बाद 31 अक्टूबर को नवनिर्वाचित वार्ड पंचों के जरिए उपसरपंच चुनने की प्रक्रिया रखी गई। इसी चुनावी प्रक्रिया के बीच मरायता ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 2 से चुने गए श्रीनाथ नागर का जीत के कुछ ही घंटे बाद इस्तीफा देने का घटनाक्रम सामने आया।