झालावाड़

मौत से जंग लड़ रहे गंभीर मरीज परिजन बोले दरा में जाम, कैसे ले जाएं कोटा

-मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में नहीं हो रहे न्यूरो के मरीजों का ऑपरेशन
3 min read
Feature image

-मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में नहीं हो रहे न्यूरो के मरीजों का ऑपरेशन

झालावाड़.एक्सीडेंट में गंभीर घायल व दिमाग की चोट के मरीजों का तुरंत इमरजेंसी में ऑपरेशन करना होता है। लेकिन झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के न्यूरो के मरीजों को समय पर ओटी भी नहीं मिल रहा है। वहीं इमरजेंसी में ओटी है, लेकिन उसमें ऑपरेशन का एक भी सामान नहीं होने से मरीजों को चार-चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज वेंटीलेटर पर है,जिन्हे तुरंत ऑपरेशन की जरूरत है। लेकिन ओटी के अभाव में गंभीर मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं परिजनों के सामने ये परेशानी आ रही है कि दरा में घंटों तक जाम लगने से वो कोटा ले जाने को जोखिम भी नहीं उठा पा रहे हैं।

ओटी चालू लेकिन नहीं मंगवाएं सामान

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी के ऊपर ओटी चालू तो कर दी है, लेकिन ओटी में न्यूरो सर्जरी विभाग का एक भी सामान नहीं मंगवाया गया है। ऐसे में यहां ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं, वहीं मैन ओटी में जगह नहीं मिलने से अति गंभीर मरीजों को काफी सफर करना पड़ रहा है। वहीं सामान्य मरीजों को १५ दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।जबकि यहां चार से अधिक मॉड्यूर ओटी की सुविधा है। लेकिन आवंटन सही नहीं होने से ये दिक्कत आ रही है।

ये सामान आएं तो मिले राहत-

न्यूरो सर्जरी विभाग में सिर खोलने की मशीन, सक्शन मशीन, माइक्रोस्कोप जैसे कई सामनों की जरुरत है। ये सामान आए तो ओटी में न्यूरो के मरीजों को राहत मिल सके।

इन चार केस से समझे पूरा मामला-

अतिगंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती है मरीज-

केस एक-

सरड़ा क्षेत्र के बरधीलाल (६५) पेरालेसिस का शिकार है, पलंग से गिर गया है, दिमांग में चोट होने पर अतिगंभीर स्थिति में आईसीयू में पांच दिन से भर्ती है। गंभीर स्थिति होने से जल्द ऑपरेशन करना है। लेकिन संसाधन व ओटी के अभाव में ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है।मरीज के बेटे कन्हैयालाल ने बताया कि तीन-चार दिन हो गए है। इनकी हालत ऐसी ही है। बोल रहे है कि ऑपरेशन होगा, लेकिन पता नहीं कब होगा।

केस दो-

शुक्रवार को ट्रेक हादसे में गादिया गुराडिया निवासी गंभीर घायल लालसिंह (३०) को एसआजी में भर्ती करवाया गया। सिर में गंभीर चोट है, सिर का ऑपरेशन होना है। लेकिन ओटी में जगह नहीं होने से ऐसे गंभीर मरीजों को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

केस तीन-

एनआईसीयू में भर्ती अशोक कुमार के एक्सीडेंट में हड्डी दिमांग में घुसी हुई है। जिसका ऑपरेशन करना है, लेकिन ओटी खोली नहीं होने से ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। मरीज २८ फरवरी से एसआरजी चिकित्सालय में भर्ती है।

केस चार-

झालावाड़ निवासी मरीज सलीम खान का दो माह पहले एक्सीडेंट हुआ था। जिसमें सिर में गंभीर चोट होने से दिमांग से एक हड्डी हटा दी गई थी, जिसे अब फिर से लगाना है। लेकिन ओटी के अभाव में अभी वेटिंग लिस्ट में है।

ये भी इंतजार में-

न्यूरो विभाग में अभी कई अन्य मरीज भी ऑपरेशन के लिए भर्ती है। बैसार निवासी पंाचाबाई (६०वर्ष),चौमहला निवासी सलीम (५०) के पैर का, झालरापाटन निवासी सलमा (५२वर्ष) का गर्दन का, अभिषेक(७माह)एक हाथ का,बृज कंवर (४८) के दिमांग में गठान है। इन मरीजों का सभी का ऑपरेशन होना है। लेकिन कई को १५ दिन से इंतजार ही करना पड़ रहा है।

हमारी तरफ से कोई डिले नहीं-

हमारी तरफ से किसी तरह का कोई डिले नहीं किया जा रहा है। मरीजों की परेशानी हम अच्छे से समझते हैं, लेकिन ओटी खाली मिले तो हम ऑपरेशन करें। इमरजेंसी में ओटी है, लेकिन वहां उपकरण ही नहीं है।

डॉ.रामसेवक योगी, विभागध्यक्ष न्यूरो सर्जरी, झालावाड़।

एचओडी करते हैं ओटी का आवंटन-

सभी को ओटी एलॉट कर रखे हैं, ओटी एलॉट का काम एनेस्थिसिया के एचओडी करते हैं। न्यूरो के हिसाब से एसआरजी में सारा सामान है। यहां से न्यू इमजरजेंसी में ले जाएं। जो उपकरण है उन्हे यहां से वहां ले जा सकते हैं।

डॉ.अशोक शर्मा, अधीक्षक एसआरजी अस्पताल, झालावाड़।

Updated on:
04 Mar 2025 11:11 am
Published on:
04 Mar 2025 11:11 am