फ़िल्मी दुनिया की चकाचौंध सिर्फ युवाओं को ही आकर्षित नहीं करती बल्कि बच्चे और किशोर भी इन फ़िल्मी सितारों के फैन हैं।
झांसी. फ़िल्मी दुनिया की चकाचौंध सिर्फ युवाओं को ही आकर्षित नहीं करती बल्कि बच्चे और किशोर भी इन फ़िल्मी सितारों के फैन हैं। फ़िल्मी सितारों के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि बड़ी संख्या में बच्चे भागकर मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में सवार होते हैं। भागकर मुंबई की ओर रुख करने वाले बच्चों में बहुत सारे बच्चों को चाइल्डलाइन, आरपीएफ और जीआरपी ने अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर पिछले वर्ष बरामद किया और इन्हें वापस परिवार तक पहुंचाया। बरामद हुए बच्चों में ऐसे भी बच्चे हैं जो घर से डांट-फटकार के कारण भाग निकले और बाद में किसी तरह उन्हें वापस घर पहुंचाया गया।
फिल्मों में काम करने के लिए भी निकले बच्चे
एक आरपीएफ अफसर के मुताबिक कई बार किशोर उम्र के ऐसे बच्चे स्टेशन पर अकेले भटकते हुए मिले जो मुंबई फिल्मों में काम करने के लिए जा रहे थे या फिर अपने किसी पसंदीदा फिल्म अभिनेता से मिलने की मन में तमन्ना थी। ऐसे किशोरों को रोककर उन्हें चाइल्डलाइन के माध्यम से घर वापस भिजवाया गया क्योंकि इस बात की आशंका बनी रहती है कि ये बच्चे भटकते हुए किसी आपराधिक या असामाजिक तत्व के चंगुल में न पड़ जाएँ।
डांट-फटकार के कारण भी भाग निकलते हैं बच्चे
क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक रेलवे स्टेशनों पर बरामद होने वाले बच्चों में सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश के बच्चों की हैं। बरामद बच्चों में से कुछ बच्चे जहां अपने पसंदीदा हीरो-हीरोइनों से मिलने के लिए भागे हुए बच्चे थे तो कुछ घर वालों की डांट फटकार के कारण घर से भागे हुए बच्चों थे। आरपीएफ और जीआरपी ने इन बच्चों की चाइल्डलाइन की मदद से काउंसलिंग कराकर इन्हें वापस अपने घर पहुंचाया।
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