Jhansi News : झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित Bundelkhand University के आवासीय परिसर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक डॉक्टर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
झांसी : झांसी में एक डॉक्टर ने सुसाइड कर लिया, जिस वक्त उन्होंने यह कदम उठाया उस वक्त वह घर में अकेले थे। प्रोफेसर पत्नी और बच्चे स्कूल गए हुए थे। झांसी की बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर राधिका चौधरी को रेजिडेंट आवास मिला था। पूरा परिवार यहीं रहता था। डॉ. नीरज कुरील झांसी मेडिकल कॉलेज के सामने अपनी दुकान चलाते थे।
मृतक की पहचान डॉ. नीरज कुरील के रूप में हुई है, जो महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ‘शालू डेंटल क्लीनिक’ के नाम से क्लीनिक चलाते थे। उनकी पत्नी राधिका चौधरी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के इकोनॉमिक्स विभाग में प्रोफेसर हैं। वर्ष 2017 में उन्हें यूनिवर्सिटी परिसर के ई-ब्लॉक (ई-4 फ्लैट) में आवास आवंटित हुआ था, जहां वे अपने पति और दो बच्चों- नैतिक (14) और यशिका (10) के साथ रह रही थीं।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात पूरा परिवार एक जन्मदिन समारोह में शामिल होकर लौटा था। सोमवार सुबह दोनों बच्चे स्कूल चले गए। इसके बाद प्रोफेसर राधिका ने पति के साथ नाश्ता किया और करीब 9 बजे यूनिवर्सिटी के लिए निकल गईं। घर में उस समय डॉ. नीरज अकेले थे। पत्नी के जाने के बाद उन्होंने कमरे में पंखे से रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
कुछ देर बाद घर पर काम करने वाली मेड पहुंची। काफी देर तक डोरबेल बजाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने पड़ोसियों को जानकारी दी। पड़ोसियों ने तुरंत प्रोफेसर राधिका को फोन कर सूचना दी।
सूचना मिलते ही राधिका क्लास छोड़कर घर पहुंचीं। काफी प्रयास के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला, तो गेट पर लगी लोहे की जाली तोड़ी गई। अंदर पहुंचने पर कमरे में डॉ. नीरज का शव पंखे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर राधिका बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है।