
Lakhpati Didi Yojana: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड जिले की करीब 13 हजार महिलाओं को सरकार ने नए साल की सौगात दी है। करीब छह जिले की 13 हजार महिलाएं दूध के कारोबार से लखपति दीदी बन चुकी है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि आजीविका मिशन तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार की कृषि एवं गैर-कृषि आधारित आजीविका से जोड़ते हुए उन्हें लखपति महिला बनाने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, ताकि वे सालाना कम से कम एक लाख या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें। बुंदेलखंड में संचालित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में 13600 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
लखपति दीदी योजना केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत, महिलाओं को बिना ब्याज के 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें और उन्हें विस्तार दे सकें।
- आवेदिका उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- महिला का किसी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है।
- आवेदिका की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
- आधार
- पैन
- इनकम सर्टिफिकेट
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- अगर आप उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हैं और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं तो आप भी लखपति दीदी स्कीम का लाभ उठा सकती हैंय़
- आपको अपने क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह कार्यालय जाना होगा। यहां आपको ऊपर लिखे डॉक्यूमेंटस के साथ जाकर अपना बिजनेस फॉर्म जमा करना होगा।
- इसके बाद आपकी एप्लीकेशन का रिव्यू करने के बाद अप्रूव किया जाएगा। फिर लोन के लिए संपर्क किया जाएगा।