
Property Dealer Shabbir Sayed Robbery Case: झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर पीपली चौक में प्रॉपर्टी कारोबारी शब्बीर सैय्यद के घर हुई सनसनीखेज डकैती की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि गिरोह के लिए सबसे अहम कड़ी झुंझुनूं में कबाड़ी का काम कर चुका आरोपी आरिफ था। उसने कारोबारी के घर की पूरी रेकी और गतिविधियों की जानकारी जुटाकर UP के डकैतों तक पहुंचाई।
इसी इनपुट के आधार पर अंतरराज्यीय गिरोह ने डकैती की साजिश रची और 21 जून की रात हथियारों की नोक पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर 60 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी व दो लाख रुपए नकद लूटकर ले गए। झुंझुनूं पुलिस ने मामले में उत्तर प्रदेश के अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के छह बदमाशों राशिद कुरैशी निवासी मेरठ, सतार निवासी बागपत, सरफराज उर्फ भुटन निवासी मेरठ, जाहिद उर्फ लंबू निवासी बागपत, राजीव उर्फ राजू खटा निवासी बागपत तथा आरिफ निवासी हापुड़ को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। सभी उत्तर प्रदेश राज्य के रहने वाले हैं।
डकैती में काम ली गई दो SUV जब्त की गई हैं। पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लूटा गया माल बरामद करने के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है।
SP सागर ने बताया कि आरोपी आरिफ पहले झुंझुनूं शहर में रहकर कबाड़ी तथा पुराने मोबाइल खरीदने-बेचने का काम करता था। इसी दौरान उसने प्रॉपर्टी कारोबारी शब्बीर सैय्यद के घर, परिवार की दिनचर्या और आसपास की स्थिति की पूरी जानकारी जुटाई। बाद में उसने यह सूचना गिरोह के हार्डकोर बदमाश सरफराज उर्फ भुटन और जाहिद उर्फ लंबू को दी। इसके बाद सभी ने मिलकर डकैती की योजना बनाई।
वारदात से पहले गिरोह के कुछ सदस्य SUV से झुंझुनूं आए और इलाके की रेकी की। वहीं कुछ साथी झुंझुनूं-फतेहपुर बीकानेर हाईवे के पास बैकअप के तौर पर मौजूद रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अलग-अलग रास्तों से निकल गए ताकि पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सके।
डकैती के बाद पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया। जिसमें एएसपी देवेंद्रसिंह राजावत, सीओ सिटी गोपालसिंह ढाका व कोतवाली थानाधिकारी श्रवणकुमार समेत 30 पुलिसकर्मी लगाए गए। टीमों ने लगभग 200 से 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही टोल प्लाजा का डाटा, साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से SUV वाहनों की आवाजाही का रूट ट्रेस किया गया।
जांच में वाहनों की लोकेशन झुंझुनूं से राजगढ़, भादरा, हिसार, सोनीपत होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत और मेरठ तक मिली। इसके बाद पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार दबिश देकर आरोपियों की घेराबंदी की।
पुलिस ने पहले बागपत और मेरठ से राशिद, सतार और सरफराज उर्फ भुटन को घटना में प्रयुक्त एक SUV सहित गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के बाद दूसरी टीम ने दिल्ली-अलवर एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी कर मुख्य आरोपी राजीव उर्फ राजू खटा, जाहिद उर्फ लंबू और आरिफ को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि गिरोह के दो सदस्य पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। आरोपी जाहिद उर्फ लंबू के खिलाफ डकैती, लूट और चोरी सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सरफराज उर्फ भुटन भी आदतन अपराधी है और इस तरह की वारदातों को अंजाम देता रहा है।