
Rajasthan Jhunjhunu Workers Death: उदयपुरवाटी (झुंझुनूं): राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान भीषण हादसा हो गया। कदम कुंड मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य में जुटी रोड़ी मिलाने वाली मशीन अचानक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसा छापोली-कदम कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर दूर हुआ।
हादसा इतना भीषण था कि आठ मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल उदयपुरवाटी सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। एक साथ आठ मजदूरों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। इससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात संभालने में जुट गईं। उदयपुरवाटी एसएचओ रामपाल ने बताया, बजरी मिलाने के काम में लगी एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई थी। इससे मशीन में करंट दौड़ गया और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिजली के पोल और लाइन पेड़ों के संपर्क में हैं। लाइन बंद कराने के लिए फोन किया गया, लेकिन ग्रिड सबस्टेशन (जीएसएस) पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। हाईटेंशन लाइन का तार रोड़ी-बजरी मिक्सर मशीन के हाइड्रोलिक जैक के संपर्क में आ गया। इससे मशीन में करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
छापोली निवासी प्रमोद सैनी ने मांग की कि मृतकों के आश्रितों को संविदा पर नौकरी दी जाए और प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 करोड़ रुपए का मुआवजा मिले। उन्होंने कहा कि इसके बाद गांव की कमेटी जो निर्णय करेगी, उसी के अनुसार मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों के धरने और हंगामे के बाद उदयपुरवाटी थाने की पुलिस के साथ आरएसी के जवानों को भी गांव में तैनात किया गया है। घायल गिदाराम सैनी ने बताया कि छापोली में वे सभी काम कर रहे थे। मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मशीन ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार के संपर्क में आ गई और करंट फैल गया। हादसे के समय मौके पर 12-13 लोग मौजूद थे।
पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा, हर मृतक के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। ये कोई राजनीति करने का मुद्दा नहीं है। ये वक्त पीड़ित लोगों के साथ खड़े होने का है। उनका पुनर्वास कैसे हो, ये देखना चाहिए। कलेक्टर को यहां आकर परिवारों को आश्वासन देना चाहिए। विधायक भगवानाराम सैनी और डीएसपी सुगन सिंह भी मौके पर पहुंचे।
सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, झुंझुनूं में हुए हादसे में करंट लगने से श्रमिकों की असामयिक मृत्यु का समाचार दुखद है। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने का संबल प्रदान करें। ॐ शांति!
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में छापोली में कई मजदूरों की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत बेहद दुखद और मार्मिक है। इस पूरे प्रकरण की जांच आवश्यक है कि सड़क निर्माण के समय हुआ यह हादसा कैसे हुआ और इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों पर क्या बीत रही होगी ये सोच कर मन व्यथित है। सरकार को मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना चाहिए। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति दें।
राजस्थान के झुंझुनूं में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।