Shekhawati Horse Show 2025: उद्घाटन के बाद पंजाब नस्ल के सफेद घोड़े-घोड़ियों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसमें 125 से अधिक अश्वों ने अपनी अदाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
20वां भैरूं बाबा अश्व-ऊंट मेला: नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के टोडपुरा गांव में बुधवार को 20वां भैरूं बाबा अश्व व ऊंट मेला तथा शेखावाटी हॉर्स शो 2025 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सजे-धजे घोड़ों और ऊंटों की शानदार प्रस्तुति के बीच अतिथियों ने हॉर्स शो का ध्वज फहराया।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश राज्य निदेशक डॉ. धर्मपाल चौधरी रहे। अध्यक्षता टोडपुरा प्रशासक भंवरसिंह धींवा ने की। वहीं अनिरुद्ध सिंह मंडावा, अमित मूंड व राजकुमार चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
उद्घाटन के बाद पंजाब नस्ल के सफेद घोड़े-घोड़ियों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसमें 125 से अधिक अश्वों ने अपनी अदाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। मेला संयोजक अनिल चौधरी के अनुसार गुरुवार को मारवाड़ी नस्ल के करीब 250 घोड़े-घोड़ी भाग लेंगे।
मेला समिति के विष्णु स्वामी फौजी ने बताया कि घोड़ों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से पशुपालक ऊंट, भैंसे और अन्य पालतु पशु लेकर पहुंच रहे हैं। मेले में विजेता घोड़े-घोड़ियों व अन्य पशुओं के मालिकों को नकद व अन्य पुरस्कार दिए जाएंगे।
हॉर्स शो में जज की भूमिका डॉ. रमेश दादर (अश्व अनुसंधान केंद्र बीकानेर), गिनीज रिकॉर्ड होल्डर गौरव जोशी (जोधपुर) और अश्व प्रजनन विशेषज्ञ विकास भालोठिया (जयपुर) निभा रहे हैं।
जजों ने बताया कि हर घोड़े-घोड़ी को रिंग में आने से पहले आनुवांशिक बीमारी की जांच से गुजरना पड़ता है। उसके बाद कान, चेहरा, सिर, गर्दन, पीठ, पूंछ, टांग व चाल आदि के आधार पर अंक दिए जाते हैं। इन्हीं अंकों से प्रतियोगिता में स्थान तय होता है।
बेरी पशु मेले में आकर्षण का केंद्र बने झिगर के भैंसे सिंघम के बाद टोडपुरा पशु मेले में लाडू भैंसा आकर्षण का केंद्र बना है जो जोधपुर के भैंसे भीम का बेटा है। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के नरेंद्र श्योराण 16 माह के लाडू को लेकर मेले में पहुंचे हैं। लाडू का कद-काठी किसी भी वयस्क भैंसे से कम नहीं। उसकी ऊंचाई 4 फीट 10 इंच, लंबाई 10 फीट और वजन 981 किलो है।