झुंझुनू

आजमगढ़ हत्याकांड के बाद अचानक चर्चा में आए राजस्थान के रहने वाले ये IPS अफसर, हर जगह हो रही तारीफ

IPS Dr Anil Kumar: मां-बाप का साया सिर से उठ गया…घर में अब बुजुर्ग दादी और दो मासूम बच्चियां ही रह गईं। जिंदगी भर के इस दर्द के बीच आजमगढ़ एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने इन बच्चियों के भविष्य को सहारा देने का फैसला किया है।
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Sep 28, 2026
SSP Dr Anil Kumar
आजमगढ़ एसएसपी डॉ. अनिल कुमार। फोटो: पत्रिका

झुंझुनूं। मां-बाप का साया सिर से उठ गया…घर में अब बुजुर्ग दादी और दो मासूम बच्चियां ही रह गईं। जिंदगी भर के इस दर्द के बीच आजमगढ़ एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने इन बच्चियों के भविष्य को सहारा देने का फैसला किया है। अलसीसर की रामू की ढाणी निवासी डॉ. अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों की जिम्मेदारी उठाते हुए अपनी एक माह की तनख्वाह उनके नाम एफडी कराने की घोषणा की है। उनकी इस पहल से आजमगढ़ पुलिस के जवान भी आगे आए हैं और एक दिन का वेतन बच्चियों के लिए देने का निर्णय किया है।

राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की इस पहल की हर जगह खूब चर्चा हो रही है। पुलिस की वर्दी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले डॉ. अनिल ने इस घटना के बाद यह भी महसूस किया कि इन मासूमों को सिर्फ तत्काल सुरक्षा नहीं, बल्कि आगे की जिंदगी के लिए सहारे की जरूरत है। दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दिलाई जा रही है। घटना की प्रत्यक्षदर्शी बच्ची की बाल मनोचिकित्सक से काउंसलिंग कराई जा रही है।

मासूम बच्चियों के साथ एसएसपी डॉ. अनिल कुमार।

आठ घंटे तक कमरे में कैद रहीं मासूमें, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बचाया

शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी समेत दो पंडितों और एक बच्चे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपने बच्चों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस करीब आठ घंटे तक उससे बातचीत कर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करती रही। इसी दौरान अरविंद ने अपने 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी और दोनों बेटियों को भी जान से मारने की धमकी दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में बुजुर्ग दादी और दोनों बच्चियां ही बचीं।

अपनी ही पत्नी की हत्या करने वाला आरोपी पति अरविंद सिंह।

दर्दनाक घटना की प्रत्यक्षदर्शी, अब काउंसलिंग से संभालने की कोशिश

हत्याकांड की भयावहता से गुजरी बच्ची के मन पर घटना का असर न पड़े, इसके लिए उसकी बाल मनोचिकित्सक से काउंसलिंग कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बच्चियों के भविष्य को लेकर अपनी ओर से आर्थिक जिम्मेदारी उठाने का निर्णय किया है।

डॉक्टर बने आईपीएस, पांचवीं कोशिश में हासिल किया मुकाम

अलसीसर क्षेत्र की रामू की ढाणी निवासी डॉ. अनिल कुमार का सफर भी प्रेरणादायी रहा है। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में चिकित्सक के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2009 में यूपीएससी परीक्षा पास कर उनका चयन आईआरटीएस में हुआ। इसके बाद पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य लेकर प्रयास जारी रखा और पांचवीं बार यूपीएससी में सफलता हासिल कर 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। वर्ष 2025 में उन्होंने आजमगढ़ एसएसपी का पदभार संभाला। अब एक दर्दनाक घटना में माता-पिता खो चुकी दो मासूम बच्चियों के भविष्य का सहारा बनने की उनकी पहल उनके पैतृक क्षेत्र अलसीसर के लिए भी गर्व और संवेदना का विषय बन गई है।

Updated on:
28 Sept 2026 02:44 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:34 pm
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