
Rajasthan : राजस्थान के झुंझुनूं में सोमवार एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया था। उदयपुरवाटी के छापोली गांव में सुबह सड़क बना रहे 8 मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई वहीं 5 अन्य झुलस गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। शाम 5 बजे मुआवजा और संविदा पर नौकरी के आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया है। उदयपुरवाटी ब्लॉक के छापोली गांव में स्थित कदम कुंड धार्मिक स्थल के पास सोमवार को सड़क निर्माण कार्य के दौरान निर्माण कार्य में लगी सीमेंट मिक्सर मशीन 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गई। हादसे में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए उदयपुरवाटी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही नगरीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी। इसके बाद मंत्री घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों और मौके पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। मंत्री ने राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि मृतकों के परिवार को भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को स्वायत शासन विभाग में संविदा पर नौकरी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे पात्रता के अनुरूप अन्य विभागीय योजनाओं में भी इन परिवारों को लाभान्वित करवाए। उन्होंने उप वन संरक्षक को वन विभाग की भूमि में से रास्ते से संबंधित डायवर्जन का प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारी को हादसे के कारणों की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
प्रथम दृष्टया हादसे का कारण यह सामने आया है कि जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, वह वन विभाग की भूमि है। ग्रामीणों ने आपसी सहमति से अपने स्तर पर ही यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू किया था, राज्य सरकार की किसी एजेंसी द्वारा यह सड़क नहीं बनवाई जा रही थी, ना ही राज्य सरकार की किसी एजेंसी को इस सड़क के निर्माण की सूचना दी गई। ऐसे में बिजली विभाग (एवीवीएनएल) को किसी तरह की सूचना नहीं दी गई, जिस वजह से उस इलाके में शटडाऊन भी नहीं हो पाया।
सामान्यतया सड़क निर्माण यदि पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय अथवा पंचायती राज विभाग द्वारा किया जाता है तो बिजली लाइन के नीचे निर्माण के वक्त आवश्यकता होने पर एवीवीएनएल (बिजली विभाग) को सूचना दी जाती है, जिस पर निर्माण के दौरान शटडाऊन लिया जाता है। हालांकि विस्तृत कारणों की जांच के लिए नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने जिला कलक्टर एवं एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं।
मृतकों के प्रत्येक परिवार को विद्युत विभाग की ओर से 5 लाख रुपए, एनएफएसए में पंजीकृत होने पर 7 परिवारों को मुख्यमंत्री आरोग्य बीमा योजना के तहत 5 लाख रुपए तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपए सहित कुल 15-15 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी।
घटनास्थल पर जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग और पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर भी पहुंचे। अधिकारियों ने हादसे की जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि हादसे में मृतकों के परिजनों को विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के घर जाकर इन योजनाओं के आवेदन भरवा कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल्द ही परिवारजनों को सहायता उपलब्ध करवाने की बात कही।
1- हरिराम गुर्जर 30 साल पुत्र शंकर लाल निवासी हालेड़ा मंडावरा
2- मंगलचंद 22 साल पुत्र गिरधारीलाल गुर्जर निवासी हालेड़ा मंडावरा
3- कालूराम गुर्जर 29 साल पुत्र भीखाराम गुर्जर निवासी हालेड़ा मंडावरा
4- पवन गुर्जर 23 साल पुत्र जगदीश गुर्जर निवासी हालेड़ा मंडावरा
5- विष्णु सैनी 38 साल पुत्र नानूराम सैनी निवासी छापोली
6- सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी 30 साल पुत्र महावीर सैनी निवासी छापोली
7- मुकेश सैनी 27 साल पुत्र शंकरलाल सैनी निवासी छापोली
8- नितेश सैनी 30 साल पुत्र मंगलचंद निवासी उदयपुरवाटी।
1- महेंद्र पुत्र बनवारी लाल सैनी निवासी छापोली
2- गीता देवी 45 साल पत्नी मदन लाल मेघवाल निवासी छापोली
3- संतरा देवी 35 साल पत्नी सतीश मेघवाल निवासी छापोली
4- गिदाराम 45 साल पुत्र धन्नाराम सैनी निवासी छापोली
5- मंजू देवी 38 साल पत्नी राजेश कुमार निवासी छापोली
इस दौरान उदयपुरवाटी विधायक भगवान राम सैनी, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर छा गई।