झुंझुनू

Jhunjhunu News: ऑपरेशन सिंदूर में झुंझुनूं के शहीद सार्जेंट सुरेन्द्र मोगा के नाम पर समर्पित मेडिकल हॉल

भारतीय वायुसेना ने दिल्ली स्थित एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट में एक हॉल उनके नाम पर समर्पित किया गया है, जिसे अब ’सुरेंद्र हॉल’ के नाम से जाना जाएगा।
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एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट में एक हॉल शहीद सुरेंद्र मोगा के नाम पर समर्पित

भारतीय वायुसेना ने अपने जांबाज एयर वॉरियर झुंझुनूं के शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा की बहादुरी और बलिदान को अमर बनाए रखने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में, दिल्ली स्थित एयर फोर्स सेंट्रल मेडिकल एस्टेब्लिशमेंट में एक हॉल उनके नाम पर समर्पित किया गया है, जिसे अब ’सुरेंद्र हॉल’ के नाम से जाना जाएगा।

अंतिम सांस तक की साथियों की मदद

सुरेंद्र मोगा झुंझुनूं जिले की मंडावा तहसील के 10 मई को हुए शहीद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सार्जेंट मोगा एक कॉम्बैट मेडिक के रूप में तैनात थे। 10 मई 2025 को दुश्मन की मिसाइल और बमबारी में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक अपने साथियों की मदद जारी रखी। उनकी इस असाधारण वीरता के लिए राष्ट्रपति ने उन्हें शहीदोपरांत ’वायु सेना पदक (गैलैंट्री)’ प्रदान किया। गांव मेहरादासी के रहने वाले थे। शहीद की मां नानू देवी ने बताया कि झुंझुनूं की मंडावा तहसील स्थित पैतृक गांव मेहरादासी में 2 अक्टूबर को शहीद स्मारक की नींव रखी जाएगी।

वायुसेना प्रमुख ने परिजनों से की थी मुलाकात

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह सरिता सिंह के साथ मंडावा उपखंड के मेहरादासी गांव पहुंचकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 10 मई को शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को श्रद्धांजलि दी और परिजन से मुलाकात की थी। उन्होंने परिजन और ग्रामीणों की मांग पर गांव के सरकारी स्कूल का नामकरण शहीद के नाम से करने और वीरांगना को सरकारी नौकरी के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। प्रमुख एयर चीफ ने वीरांगना सीमा व मां को ढांढस बधाया और उन्हें वायु सेना के प्रतीक चिह्न भेंट किए।

Updated on:
29 Sept 2025 09:37 am
Published on:
29 Sept 2025 09:37 am