
नवलगढ़ (झुंझुनूं)। कस्बे में राजकीय महाविद्यालय के पीछे नगरपालिका के डंपिंग यार्ड में कचरे के पहाड़ पर एक नवजात बच्ची का शव मिलने से सनसनी फैल गई। पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के गले में नाड़े की रस्सी बंधी मिलने से गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल बच्ची के परिजनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने नगरपालिका के सहयोग से शव का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करवाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगरपालिका कर्मचारी महेश सैनी बुधवार दोपहर बाद जेसीबी मशीन से कचरा खिसका रहा था। इसी दौरान मशीन के सामने अचानक नवजात का शव दिखाई दिया, जिसे देखकर वह हक्का-बक्का रह गया। उसने तुरंत सफाई निरीक्षक ललित शर्मा को सूचना दी। सूचना पर थानाधिकारी सीआई अजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को जिला अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल पीएमओ डॉ. महेंद्र सबलानिया ने पोस्टमार्टम के लिए डॉ. गोपीचंद जाखड़, डॉ. नेहा चौधरी और डॉ. दीपचंद जांगीड़ को शामिल कर मेडिकल बोर्ड का गठन किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने बच्ची का शव 1 से 3 दिन पुराना होना बताया है।
थानाधिकारी अजय सिंह ने बताया कि डंपिंग यार्ड में मिला नवजात बच्ची का शव फूला हुआ था। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों को शव के गले में नाड़े की रस्सी बंधी मिली। प्रथमदृष्टया आशंका है कि नवजात की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई होगी। हालांकि, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
लिंग के आधार पर बच्चों में भेदभाव करना और नवजात बच्ची को मरने के लिए कचरे में फेंक देना अमानवीय कृत्य है। जिला अस्पताल नवलगढ़ में पालना घर संचालित है। कोई भी दंपती किसी कारण से बच्ची को नहीं रखना चाहे तो वहां छोड़ सकता है, जहां पहचान गोपनीय रहती है।
डॉ. महेंद्र सबलानिया, पीएमओ, जिला अस्पताल नवलगढ़
थाने को सूचना मिली थी कि डंपिंग यार्ड में नवजात का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर शव नवजात बच्ची का निकला। समाज में बेटियों के साथ भेदभाव किया जाना और नवजात बच्ची को कचरे में फेंक देना अत्यंत अमानवीय और निंदनीय है। यह घटना बेहद गंभीर है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सीआई अजय सिंह, थानाधिकारी नवलगढ़