झुंझुनू

Murder: कातिल पति को कोर्ट ने ताउम्र सलाखों के पीछे भेजा, पत्नी को जिंदा जलाकर मार डाला था, न्यायालय ने सुनाई खरी-खरी

झुंझुनूं में पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के चर्चित हत्याकांड में अपर सेशन न्यायालय ने आरोपी पति राजकुमार को उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। 1 अप्रैल 2021 की घटना में पत्नी सुमन की मौत हो गई थी। कोर्ट ने इसे भरोसे की क्रूर हत्या बताते हुए सख्त टिप्पणी की।
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Feb 06, 2026
Jhunjhunu Murder
पेट्रोल डालकर पत्नी को जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद (फोटो-एआई)

झुंझुनूं: पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के चर्चित मामले में अपर सेशन न्यायालय संख्या एक ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या एक झुंझुनूं सीमा ढाका की ओर से दिए गए निर्णय के अनुसार, आरोपी पति राजकुमार पुत्र बृजलाल निवासी आनंदपुरा-बिसाऊ ने अपनी पत्नी को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। आरोपी को उम्रकैद के अलावा 50 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया है।

न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए अपने निर्णय में उल्लेख किया कि समाज में एक महिला अपने पिता के बाद सबसे अधिक विश्वास अपने पति पर करती है और उसी विश्वास के आधार पर विवाह उपरांत वह अपने पिता का घर छोड़कर पति के साथ जीवन बिताती है। पति-पत्नी का संबंध प्रेम, समर्पण और विश्वास पर आधारित होता है तथा विवाह के बाद पति ही उसका रक्षक माना जाता है।

न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकरण में मृतका यह सोच भी नहीं सकती थी कि उसका रक्षक ही उसके साथ भक्षक जैसा व्यवहार करेगा और जीवित अवस्था में उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा देगा। ऐसे वीभत्स कृत्य के समय मृतका के अंतर्मन पर क्या बीती होगी। इसे शब्दों में व्यक्त करना अत्यंत कठिन है।

लेकिन यह तय है कि उस क्षण वैवाहिक दाम्पत्य के संबंध में देखे गए उसके सभी सुनहरे सपने और विवाह नाम की संस्था के प्रति विश्वास आग की लपटों में उसके शरीर के साथ-साथ तार-तार हो गए होंगे और वह असहनीय मानसिक एवं शारीरिक दर्द से गुजरी होगी।

एक अप्रैल 2021 की घटना

मामले के अनुसार, 4 अप्रैल 2021 को परिवादी विजयपुरा सांखू, चूरू निवासी करणाराम ने बिसाऊ थाने में रिपोर्ट दी कि उसकी पुत्री सुमन का विवाह लगभग 10 वर्ष पूर्व राजकुमार पुत्र बृजलाल निवासी आनंदपुरा के साथ हुआ था और 1 अप्रैल 2021 की दोपहर राजकुमार ने सुमन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

घटना की जानकारी उसे गांव के अन्य व्यक्तियों से मिली। जबकि ससुराल पक्ष लगातार गुमराह करता रहा। घायल सुमन को उपचार के लिए सीकेएस अस्पताल, रोड नंबर 6, जयपुर में भर्ती कराया गया। जहां 4 अप्रैल 2021 को परिवादी के पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद आरोपी पति राजकुमार के विरुद्ध संबंधित न्यायालय में हत्या का चालान पेश किया।

राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक तथा मृतका की ओर से अधिवक्ता बिरजू सिंह शेखावत ने पैरवी करते हुए इस्तगासा पक्ष के 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 33 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए आरोपी को कठोरतम दंड देने की मांग की।

जुर्माना नहीं चुकाने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास

न्यायालय ने सजा और जुर्माने के साथ यह भी आदेश दिया कि जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही प्रकरण को पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति योग्य मानते हुए मृतका सुमन के विधिक वारिसों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Updated on:
06 Feb 2026 09:27 am
Published on:
06 Feb 2026 09:27 am