झुंझुनू

Rajasthan Nikay Chunav : ‘सिर्फ 25 वोट लाओ, पार्षद बन जाओ!’, ये है राजस्थान का सबसे अनूठा वार्ड, 92 वोटर्स तय करेंगे विजेता

राजस्थान के झुंझुनूं जिले की मंड्रेला नगरपालिका के वार्ड 13 में मात्र 92 वोटर हैं। जानिए केवल 25 से 30 वोट पाकर पार्षद बनने के इस अनोखे राजनीतिक गणित की पूरी कहानी।
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Sep 08, 2026
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Rajasthan Mandrela Ward 13 - AI PIC

राजस्थान में जारी नगर निगम और निकाय चुनावों के बीच झुंझुनूं जिले की मंड्रेला नगरपालिका से एक बेहद ही अनोखा और अजब-गजब चुनावी मामला सामने आया है। राज्य भर में जहां प्रत्याशी हजारों मतदाताओं को साधने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं, सभाएं आयोजित कर रहे हैं और पसीना बहा रहे हैं, वहीं मंड्रेला का वार्ड संख्या 13 पूरे राजस्थान में चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया है। इस वार्ड की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां पूरी वोटर लिस्ट में कुल मतदाताओं की संख्या महज 92 है। चंद मकानों में सिमटे इस छोटे से वार्ड में चुनावी शोर भले ही बहुत कम हो, लेकिन जीत-हार का राजनीतिक गणित बेहद दिलचस्प हो गया है।

मंड्रेला के इस वार्ड 13 में महज कुछ वोटों का अंतर ही प्रत्याशी की किस्मत का फैसला कर देगा। स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदाता सूची में दर्ज इन 92 लोगों में से भी कई मतदाता अपनी आजीविका, नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में वार्ड से बाहर रहते हैं। ऐसे में मतदान वाले दिन ज्यादा से ज्यादा 65 से 70 वोट पोल होने की ही उम्मीद जताई जा रही है। इस वार्ड से पार्षद पद के लिए तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस त्रिकोणीय मुकाबले को देखते हुए माना जा रहा है कि जो भी उम्मीदवार केवल 25 से 30 वोट हासिल कर लेगा, वह आसानी से चुनाव जीतकर पार्षद बन जाएगा।

महज 7 मकानों में 64 मतदाता, एक ही घर से 15 वोटर

मंड्रेला नगरपालिका के वार्ड 13 की वोटर लिस्ट का डेटा बेहद अनूठा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे वार्ड के महज 7 मकानों में ही 64 मतदाता निवास करते हैं। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक अकेले मकान नंबर में 15 पंजीकृत वोटर दर्ज हैं।

यानी अगर कोई प्रत्याशी केवल इन 7 प्रमुख मकानों के परिवारों को साधने में कामयाब हो जाता है, तो उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। यही वजह है कि यहां प्रत्याशियों को कोई बड़ी रैली या जनसभा करने की जरूरत नहीं पड़ रही है, बल्कि वे सीधे ड्राइंग रूम में बैठकर चाय की चुस्कियों के साथ पर्सनल वोट मांग रहे हैं।

बीजेपी और निर्दलीयों में जंग, कांग्रेस उम्मीदवार 'गायब'!

चुनावी मैदान की बात करें तो मंड्रेला के वार्ड 13 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विनय जोशी को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीजेपी के सामने चुनावी ताल ठोकने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर रतनलाल और नितिन शर्मा पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हुए हैं।

इस वार्ड की एक और राजनीतिक खासियत यह है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने यहां से अपना कोई भी प्रत्याशी खड़ा नहीं किया है। कांग्रेस द्वारा मैदान छोड़ने से यहां मुकाबला पूरी तरह से बीजेपी और दो निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच सिमट गया है। अब देखना यह होगा कि बीजेपी का कैडर वोट बैंक यहां बाजी मारता है या फिर निर्दलीय बाजी पलटते हैं।

किसी वार्ड में 1000 तो कहीं सिर्फ 92 मतदाता

मंड्रेला नगरपालिका में वार्डों के परिसीमन को लेकर गहरा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ वार्ड 13 में महज 92 मतदाता हैं, वहीं इसी नगरपालिका के वार्ड 6 में मतदाताओं की संख्या पूरे 1000 है, जिसमें 551 पुरुष और 449 महिला वोटर शामिल हैं।

इसके अलावा मंद्रेला के अन्य वार्डों की बात करें तो वार्ड 1 में 283, वार्ड 12 में 269 और वार्ड 25 में 144 मतदाता दर्ज हैं। एक ही नगर निकाय के भीतर मतदाताओं की संख्या में इतना बड़ा अंतर होना पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानिए कितना सिमटा है वार्ड 13 का परिसीमन क्षेत्र

भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो वार्ड 13 का परिसीमन दायरा बेहद छोटा है। इस वार्ड की सीमा सांवरिया बाल उद्यान से शुरू होती है। इसके बाद यह उत्तर में महेंद्र पुजारी के मकान, श्याम मंदिर और सुशील रूंगटा के नोहरे को शामिल करते हुए पश्चिम दिशा में सुरेंद्र शर्मा के मकान तक जाती है।

आगे बढ़ते हुए यह उत्तर में सिन्ना मणीयार के मकान, राजकीय विद्यालय के बाएं भाग, दक्षिण में शंकर भार्गव के मकान और पूर्व में लालकोठी को छूती है। फिर दक्षिण में सुशील जोशी व त्रिपुरारी पुजारी के मकान से होते हुए पूर्व में नवल जोशी, डॉ. भोमेंद्र शर्मा के मकान और पंचायत भवन को समेटते हुए वापस अपने शुरुआती बिंदु पर आकर पूरी हो जाती है। इतने छोटे से भौगोलिक दायरे में हो रहा यह चुनाव राजस्थान की स्थानीय राजनीति का सबसे अनोखा उदाहरण बन गया है।