
DRPCAU senior research fellow recruitment 2018, डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, (DRPCAU) बिहार ने सीनियर रिसर्च फेलो के 2 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। पद के लिए योग्य उम्मीदवार 16 मार्च 2018 तक या उससे पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।
डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, (DRPCAU) में रिक्त पदों का विवरण:
सीनियर रिसर्च फेलो- 2 पद
डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, (DRPCAU) में रिक्त पदों पर पात्रता मानदंड व शैक्षिक / तकनीकी योग्यता और अनुभव:
सीनियर रिसर्च फेलो डाक: प्लांट साइंस में मास्टर डिग्री और नॉन प्रोफेशनल डिग्री धारकों ने मास्टर डिग्री के साथ नेट पास किया होना चाहिए।
पात्रता मानदंड, शैक्षिक योग्यता संबंधी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए अधिसूचना लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया: चयन साक्षात्कार के आधार पर होगा।
आवेदन कैसे करें:
योग्य उम्मीदवार आवेदन को 'डीआरपीसीएयू, पूसा, समस्तीपुर, बिहार' के पते पर 16 मार्च 2018 तक या उससे पहले भेज सकते हैं।
अधिसूचना विवरण: विज्ञापन संख्या: डीओआर / डीआरपीसीएयू, पूसा
महत्वपूर्ण तिथि:
वॉक-इन-इंटरव्यू की तिथि: 16 मार्च 2018
DRPCAU senior research fellow recruitment notification 2018:
डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, ( DRPCAU ) बिहार ने सीनियर रिसर्च फेलो के 2 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विस्तृत अधिसूचना यहां क्लिक करें।
परिचयः
राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, भारत के बिहार राज्य के समस्तीपुर जिले के पूसा बाजार के निकट स्थित है। यह भारत के 26 कृषि विश्वविद्यालयों में से एक है। जुलाई 2014 में इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय हुआ।मूल रूप में यह संस्थान 'इम्पीरियल कृषि अनुसंधान संस्थान' (Imperial Agriculture Research Institute) था जो ब्रिटिश काल में सन् 1903 में स्थापित किया गया था। सन् 1934 में बिहार में एक भयंकर भूकंप आया जिसमें इस संस्थान के मुख्य भवनों को काफी क्षति हुई। इसके परिणामस्वरूप उसी वर्ष इस संस्थान को नयी दिल्ली स्थानान्तरित कर दिया गया जिसे 'पूसा कैम्प्स' कहा गया। आगे चलकर दिल्ली स्थित यह संस्थान का नाम भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (Indian Agricultural Research Institute) कर दिया गया और पूसा में जो कुछ बचा रहा उसे पदावनत (downgrade) करके 'कृषि अनुसंधान स्टेशन' (agricultural research station) कहा जाने लगा। अन्तत: 3 दिसम्बर सन् 1970 को भारत सरकार ने इसी को नामान्तरित करके 'राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय' के रूप में बदल दिया।