जोधपुर

कोरोना का कहर : ईरान से लाए गए 10 और भारतीयों में मिला कोरोना, दो दिन में 17 रोगी

ईरान से एयरलिफ्ट करके जैसलमेर और जोधपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित वेलनेस सेंटर में लाए गए 10 और भारतीयों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। सोमवार को सात रोगी मिले थे। दो दिन में इनकी संख्या 17 हो गई है। एक व्यक्ति एमडीएम अस्पताल में भर्ती है। शेष को एम्स जोधपुर में भर्ती किया जा रहा है।
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10 more indians found corona positive among iran passengers
कोरोना का कहर : ईरान से लाए गए 10 और भारतीयों में मिला कोरोना, दो दिन में 17 रोगी

जोधपुर. ईरान से एयरलिफ्ट करके जैसलमेर और जोधपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित वेलनेस सेंटर में लाए गए 10 और भारतीयों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। सोमवार को सात रोगी मिले थे। दो दिन में इनकी संख्या 17 हो गई है। एक व्यक्ति एमडीएम अस्पताल में भर्ती है। शेष को एम्स जोधपुर में भर्ती किया जा रहा है। इसमें से अधिकांश व्यक्ति जम्मू-कश्मीर व लद्दाख निवासी है जो तीर्थयात्रा करने के लिए ईरान के पवित्र शहर क्योम गए थे। यह तेहरान से 125 किलोमीटर दूर है।

180 रोगियों में 10 पॉजिटिव, 163 नेगेटिव
जोधपुर मिलिट्री स्टेशन की ओर से मंगलवार को 96 व्यक्तियों के स्वाब के नमूने कोरोना जांच के लिए डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज भेजे गए, जिसमें से 7 में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। जैसलमेर से 84 भारतीयों के नमूने जांच के लिए आए। इसमें से 3 पॉजिटिव मिले। दोनों मिलाकर 163 व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव मिली। दो दिन में मिलाकर जोधपुर मिलिट्री स्टेशन से 8 व्यक्ति और जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन से 9 व्यक्तियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।

दोनों स्टेशनों पर 1036 भारतीय
कोरोना का संक्रमण फैलने पर ईरान में सभी फ्लाइट्स बंद कर दी गई थी तब भारत सरकार वहां फंसे भारतीयों को एयरलिफ्ट करके जैसलमेर और जोधपुर मिलिट्री स्टेशन में बनाए गए क्वारेंटाइन कैंप में लेकर आई। दोनों स्टेशनों पर अभी तक 1036 भारतीय आइसोलेशन में है। जोधपुर में 552 और जैसलमेर में 484 है। जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में 15 मार्च, 16 मार्च और 18 मार्च यानी तीन बैच में भारतीय लाए गए। इसके बाद जोधपुर मिलिट्री स्टेशन में 25 मार्च और 29 मार्च के दो बैच में भारतीय लाए गए।

ईरान से आए भारतीयों को कहां भर्ती करने को लेकर चली वार्ताएं
जैसलमेर व जोधपुर आर्मी के वेलनेस सेंटर में पॉजिटिव निकले भारतीयों को एम्स जोधपुर व डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज संबद्ध एमडीएम अस्पताल में भर्ती करने को लेकर मंगलवार को पूरे दिन प्रशासन में वार्ताएं चलती रही। जानकारी अनुसार एम्स व डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मध्य मरीज अपने यहां नहीं शिफ्ट करने को लेकर आनाकानी भी हुई। इसके बाद तय हुआ कि केन्द्र या आर्मी सेंटर से आने वाले रोगियों को एम्स ही भर्ती करेगा। वहीं जोधपुर के मरीज एमडीएम या कॉलेज संबद्ध अस्पताल में भर्ती होंगे। हालांकि निर्णय ये भी हुआ कि आवश्यकता अनुसार दोनों अस्पताल जरूरत पड़ी तो सभी तरह के मरीज भर्ती करेंगे।

Published on:
01 Apr 2020 11:00 am