Rajasthan News: जोधपुर में दिनदहाड़े हुए एक युवक के अपहरण मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मामले में लापरवाही बरतने पर दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया।
2 Constable Suspend In Kidnapping Case: जोधपुर शहर के खांडाफलसा थाना क्षेत्र में उम्मेद अस्पताल की आपातकालीन इकाई के गेट के सामने दिनदहाड़े हुए युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह पाली जिले के रोहट क्षेत्र में शिकारपुरा और दूधली गांव के बीच की गई।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस आयुक्त ने खांडाफलसा थाने के दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है। इन दोनों कांस्टेबल को बहुत पहले से पांचों आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन छिपाए रखी।
पुलिस के अनुसार मेड़ती गेट चौकी क्षेत्र के कसाइयों की गली निवासी मनान (18) पुत्र मोहम्मद उमर गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे अपने दोस्त राकिब के साथ सिवांची गेट से निकल रहा था। जैसे ही वह उम्मेद अस्पताल के इमरजेंसी गेट के सामने पहुंचे, तभी सफेद कार में सवार चार-पांच युवक वहां आए और मनान को जबरन कार में डालकर ले गए।
घटना के बाद साथ मौजूद दोस्त राकिब ने मनान के पिता को सूचना दी। पिता की ओर से अज्ञात युवकों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस ने गुरुवार रात को ही आरोपियों की इस्तेमाल की गई कार कुड़ी भगतासनी क्षेत्र से बरामद कर ली थी। इसके बाद साइबर और थाने की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लोकेशन ट्रेस की और शुक्रवार को फैजान शाह, राकिब हुसैन, आसिफ अली, कमलेश विश्नोई और भावेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में अपहरण की वजह पैसों के आपसी लेन-देन का विवाद सामने आया है।
इस पूरे मामले में मनान के साथ मौजूद दोस्त राकिब की भूमिका सबसे चौंकाने वाली रही। पुलिस जांच में सामने आया कि राकिब ही लगातार अपहरणकर्ताओं को मनान की गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी दे रहा था।
अपहरण के बाद भी वह आरोपियों के संपर्क में था। पुलिस ने जब राकिब का मोबाइल खंगाला तो चैटिंग और कॉल डिटेल से पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया। इसके बाद साइबर सेल के एएसआइ राकेश सिंह की सक्रियता से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंच सकी।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर पुलिस आयुक्त ने खांडाफलसा थाने के कांस्टेबल जगदीश और परसाराम को निलंबित कर दिया। जांच पूरी होने तक दोनों को पुलिस लाइन मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जाली मुद्रा के चलन से जुड़ा विवाद भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने मनान को जाली नोट बाजार में खपाने के लिए दिए थे, जिसके एवज में तय प्रतिशत देना था। भुगतान नहीं होने पर विवाद बढ़ा और अपहरण की साजिश रची गई। हालांकि पुलिस ने इस एंगल पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी बताई जा रही है।