जोधपुर

राजस्थान में बढ़ा प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा, 3 और महिलाओं ने तोड़ा दम, परिजनों ने किया हंगामा

राजस्थान के जोधपुर में पिछले 15 दिनों में 6 गर्भवती और प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच डूंगरपुर जिला अस्पताल में भी मृत शिशु को जन्म देने के 24 घंटे बाद एक प्रसूता की मौत हो गई।
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Updated: 7 Aug 2026, 7:42 AM IST
Dungarpur Pregnant Woman Died
मेडिकल स्टॉफ के साथ धक्का-मुक्की करते हुए डूंगरपुर में मृत महिला के परिजन (फोटो-पत्रिका)

Pregnant Woman Death In Jodhpur: राजस्थान में जोधपुर जिले के डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पताल समूह में 2 और प्रसूताओं का दम तोड़ दिया। यह पिछले 15 दिन में 6 मौतें हैं, जिनमें 4 प्रसूताएं और 2 गर्भवती महिलाएं थी। वहीं डूंगरपुर जिले में भी मृत बच्चे को जन्म देने के बाद 1 प्रसूता की मौत हो गई।

प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा के अनुसार फलोदी निवासी 32 साल की कृष्णा कुमारी को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के कारण उम्मेद अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन से शिशु का जन्म होने के बाद गुरुवार सुबह अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। उसे तुरंत वेंटिलेटर पर लेकर रेस्पिरेटरी आइसीयू में शिफ्ट किया गया तथा दो बार सीपीआर देने सहित सभी प्रयास किए गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। वहीं नागौर निवासी सरोज को गर्भ में भ्रूण मृत्यु और रक्तस्राव की गंभीर स्थिति में मथुरादास माथुर अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल की आईसीयू में भर्ती दो अन्य मरीजों की स्थिति में सुधार है। इनमें एक महिला का संक्रमण और किडनी संबंधी जटिलताओं का उपचार चल रहा है और जालोर की 18 सप्ताह की गर्भवती महिला का निमोनिया के कारण इलाज किया जा रहा है। वह अभी बाइपैप सहायता पर है और उसकी हालत पहले से बेहतर बताई गई है।

डूंगरपुर में भी 1 प्रसूता की मौत

उधर डूंगरपुर जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु विभाग में भी एक प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। उदयपुर जिले के सुलई खेरवाड़ा निवासी 19 साल की ललिता मीणा ने बुधवार को मृत शिशु को जन्म दिया था। डिलीवरी के करीब 24 घंटे बाद गुरुवार सुबह उसकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में करीब तीन घंटे तक हंगामा किया तथा शव को मोर्चरी ले जाने से रोक दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद शव को मोर्चरी भिजवाया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रसूता का नियमानुसार उपचार किया जा रहा था। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। वहीं, जूनियर डॉक्टर ने भी परिजनों पर मारपीट और धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी है।

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7 Aug 2026, 7:42 AM IST
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