जोधपुर

Jodhpur: छात्रसंघ चुनाव की मांग, उबाल पर ABVP-NSUI का गुस्सा, न्यू कैंपस से लेकर कलक्ट्रेट तक शक्ति प्रदर्शन

छात्रसंघ चुनावों की मांग को लेकर जोधपुर में गहमा-गहमी दिखी। एबीवीपी और एनएसयूआई, दोनों बड़े छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।
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Aug 04, 2025
student union elections
प्रदर्शनकारी छात्र को पकड़कर ले जाती पुलिस। फोटो- पत्रिका

छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर सोमवार को जोधपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कलक्ट्रेट तो वहीं भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (न्यू कैंपस) के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से जमकर तकरार हुई। गर्मी से एक छात्र बेहोश हो गया। वहीं पुलिस ने कई नेताओं को पकड़ा।

जोधपुर कलक्ट्रेट का घेराव

पहले एबीवीपी ने जोधपुर कलक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लिए नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारी छात्र छात्राएं कलक्ट्रेट के बाहर लगे बेरिकेड्स पर चढ़ गए और अंदर जाने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा।

कलक्ट्रेट में घुसने की कोशिश करते छात्र। फोटो- पत्रिका

यातायात रोकने की भी कोशिश

करीब ढाई घंटे तक विद्यार्थियों का प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान यातायात रोकने की भी कोशिश की गई। दोपहर बाद एक छात्र जीवन सिंह उदावत की गर्मी के चलते तबीयत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गया। उसे तुरंत पावटा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां ग्लूकोज वगैरह दिया गया। तबीयत ठीक होने पर उसको छुट्टी दी गई।

यातायात रोकने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी। फोटो- पत्रिका

केएन कॉलेज से कलक्ट्रेट तक रैली

एबीवीपी के छात्र-छात्राओं ने केएन कॉलेज और पावटा से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रहितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से छात्रसंघ चुनाव स्थगित किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन है।

एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विश्वविद्यालयों में नेतृत्व कौशल और जवाबदेही विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनका बहाल होना छात्रों के हित और लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा की मांग की गई। इस दौरान प्रांत मंत्री पूनम भाटी, शहर विभाग संयोजक ललित दाधीच, महानगर मंत्री विशाल गौड़, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी, जीवन सिंह उदावत, मोती सिंह जोधा, वैभव भूतड़ा, गौतम भाटी और यश शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारी छात्रा को पकड़कर ले जाती पुलिस। फोटो- पत्रिका

न्यू कैंपस में एनएसयूआई का प्रदर्शन

एबीवीपी के बाद भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने भी विरोध का बिगुल फूंका। एनएसयूआई ईकाई अध्यक्ष जुझार सिंह चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय के नया परिसर में छात्र अधिकार मार्च निकालते हुए मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सरकार पर छात्रसंघ चुनाव को लगातार स्थगित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव बहाल नहीं हुए तो आंदोलन और उग्र होगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विवेकानंद प्रतिमा स्थल से नया परिसर के मुख्य द्वार तक मार्च निकाला। नया परिसर का मुख्य द्वार बंद कर दिया और नारेबाजी करने लगे। इससे ट्रेफिक प्रभावित हुआ।

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पुलिस ने खदेड़ा

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। भगत की कोठी पुलिस थाना ने छात्रों को खदेड़कर परिसर खाली कराया। इस दौरान एनएसयूआई ईकाई अध्यक्ष जुझारसिंह चौधरी, महासचिव ज्ञानुदया चौधरी, ओमप्रकाश देवासी सहित पांच कार्यकर्ताओं को जीप में डालकर ले गई।

प्रदर्शन में एनएसयूआई कार्यकर्ता कवराज सिंह पूनिया, सोमराज, दिनेश चौधरी, गोविंद चौधरी, सवाई और संदीप पटेल सहित कई छात्र शामिल रहे। पुलिस की सख्ती के बावजूद छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक चुनाव की घोषणा नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

Updated on:
04 Aug 2025 07:16 pm
Published on:
04 Aug 2025 07:15 pm