जोधपुर

AIIMS Jodhpur : एम्स जोधपुर में 109 डॉक्टर्स की भर्ती अचानक रद्द, अब नए सिरे से होगा रिक्रूटमेंट

AIIMS Jodhpur : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में 109 डॉक्टर्स (असिस्टेंट प्रोफेसर) की भर्ती प्रक्रिया को अचानक रद्द कर दिया गया है। इंटरव्यू पूरे हो चुके थे और नियुक्ति आदेश जारी होना शेष था। अब नए सिरे से भर्ती होगी।
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AIIMS Jodhpur 109 doctors Recruitment suddenly cancelled fresh recruitment done
एम्स जोधपुर। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

AIIMS Jodhpur : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में 109 डॉक्टर्स (असिस्टेंट प्रोफेसर) की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। बुधवार को संस्थान के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर विकास पूनिया ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए।

यह भर्ती 26 अगस्त 2025 को 37 विभागों के लिए डायरेक्ट रिक्रूटमेंट के तहत निकाली गई थी। नवम्बर–दिसम्बर में इंटरव्यू पूरे हो चुके थे और नियुक्ति आदेश जारी होना शेष था, लेकिन अनियमितताओं की शिकायतों ने पूरी प्रक्रिया पर विराम लगा दिया। अब नए सिरे से फिर से भर्ती होगी।

मामला स्वास्थ्य मंत्रालय पहुंचा

एम्स जोधपुर में 6 जनवरी को हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. तेजस मधुसूदन पटेल सहित अन्य सदस्यों ने कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्द्धन दत्त पुरी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। सदस्य व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मुद्दा उठाया। मामला स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचने के बाद प्रशासन पर निर्णय बदलने का दबाव बढ़ गया।

एचओडी की आपत्तियां दरकिनार

डॉक्टर्स की भर्ती में 37 विभाग जुड़े थे लेकिन अधिकांश विभागों के एचओडी (हैड ऑफ डिपार्टमेंट) की आपत्तियों और अनुशंषाओं को दरकिनार किया गया। एनस्थीसिया में सर्वाधिक 14 डॉक्टर्स के पद विज्ञापित हुए, इसके उलट डेंटेस्ट्री को केवल 4 पद मिले, जबकि विभाग में दस से अधिक पद की जरुरत थी।

कुछ विभागों में अधिक डॉक्टर्स, कुछ में बिल्कुल नहीं

1- विवाद का मुख्य बिंदु 109 डॉक्टर्स का विभागवार पुनर्वितरण रहा। आरोप है कि यह निर्णय एम्स अधिनियम 1956 की धारा 11(3) और एम्स विनियम, 2019 के विनियम 37 के अनुरूप नहीं था। समूह ‘ए’ पदों के पुनर्वितरण के लिए गवर्निंग बॉडी की स्वीकृति आवश्यक होती है, जबकि यहां एकपक्षीय आदेश जारी किए जाने की बात सामने आई।
2- स्वीकृत 486 संकाय पदों की संरचना से भी विचलन दर्ज किया गया।
3- जिन विभागों को अतिरिक्त पद नहीं चाहिए था, वहां पद दे दिए गए।
4- डेंटिस्ट्री और कम्युनिटी मेडिसिन जैसे विभागों में जरुरत के बावजूद कम पद दिए गए।

Updated on:
20 Feb 2026 08:01 am
Published on:
20 Feb 2026 08:00 am