
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की मंजूरी बिना महिला एवं बाल विकास, शिक्षा व सार्वजनिक निर्माण विभाग की 57.05 करोड़ रुपए की 10 परियोजनाएं पूरी कराने को लेकर वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
वहीं, स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग ने खुलासा किया है कि केंद्र व राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के बावजूद जयपुर, जोधपुर, अजमेर, नागौर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, सिरोही, सीकर व जालाेर जिला परिषद ने 100 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान ग्राम पंचायतों को जारी ही नहीं किया।
सीएजी की तीन रिपोर्ट एवं स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की रिपोर्ट गुरुवार को विधानसभा में रखी गईं। सीएजी की अनुपालन एवं निष्पादन लेखा परीक्षा रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण को लेकर वसूले गए 84.71 करोड़ रुपए डीएमएफटी फंड में जमा ही नहीं कराए, वहीं राज्य के विकास कार्यों के लिए डीएमएफटी की राशि को बजट से अतिरिक्त संसाधन मानने के बावजूद महिला-बाल विकास, शिक्षा एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बिना मंजूरी लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2023-24 के दौरान 10 बजटीय कार्यों-परियोजनाओं पर 57.05 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, जिसको लेकर सीएजी ने वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया कि वन विभाग 2016 से 2023 के बीच वन्यजीवों का शिकार नहीं रोक सका, बाघ कॉरिडोर विकसित नहीं होने से आपसी संघर्ष में 10 बाघों की मौत हो गई।
Published on:
20 Feb 2026 07:14 am
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