
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत। फाइल फोटो पत्रिका
Yamuna Jal Project : हरियाणा से राजस्थान में यमुना जल लाने की परियोजना का काम एक साल के भीतर शुरू होगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि दोनों राज्यों की संयुक्त डीपीआर जल्द केन्द्रीय जल आयोग को सौंपी जाएगी। आवश्यक स्वीकृति के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्य शुरू होगा। बजट में इसके लिए 32 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को राजस्थान विधानसभा परिसर में मीडिया को यह जानकारी दी। यह परियोजना सीकर, चूरू, झुंझुनूं और अन्य क्षेत्रों की 30 वर्षों से प्रतीक्षित पेयजल और सिंचाई जरूरत पूरी हो सकेगी।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल शेखावाटी क्षेत्र में लाने के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी की दूरदर्शिता से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान और हरियाणा के बीच 17 फरवरी 2024 को संयुक्त डीपीआर तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
दोनों राज्यों ने संयुक्त टास्क फोर्स का भी गठन किया। फोर्स से नियुक्त सलाहकारों की ओर से सुझाए गए अलाइनमेंट पर हरियाणा की लिखित स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
सुरेश सिंह रावत ने बताया कि दोनों राज्यों की तैयार संयुक्त डीपीआर जल्द ही केन्द्रीय जल आयोग को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद विभिन्न विभागों की आवश्यक मंजूरियों प्राप्त कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रतीक्षित परियोजना के लिए राज्य बजट 2026-27 में 32 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
सुरेश सिंह रावत ने बताया कि यमुना जल के वर्ष पर्यन्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हथिनीकुंड बैराज के ऊपर यमुना बेसिन में तीन बांधों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इनमें से 2 बांध, रेणुकाजी व लखवार का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।
Updated on:
19 Feb 2026, 8:44 AM IST
Published on:
19 Feb 2026, 8:44 AM IST
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