
Jaipur Air Show Rehearsal Today (Patrika Photo)
Jaipur Air Show: गुलाबी नगरी के आसमान में आज भारतीय वायुसेना की जांबाजी का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। मानसागर (जलमहल) झील के ऊपर भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम अपनी हैरतअंगेज कलाबाजियों से रोमांचित करने के लिए तैयार हैं।
बुधवार को बारिश के कारण टला रिहर्सल अब गुरुवार और शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा, जबकि मुख्य आयोजन रविवार को होगा।
प्रशासन ने दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया है। करीब 50 हजार दर्शकों की क्षमता के अनुसार व्यवस्थाएं की गई हैं। सबसे पहले sso.rajasthan.gov.in पर लॉग इन करें। सिटीजन सर्विस (Citizen Apps) में जाकर 'Air Show Jalmahal Registration' विकल्प पर क्लिक करें। जरूरी जानकारी भरकर अपना पास प्राप्त करें। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश के लिए इस पास की डिजिटल या हार्ड कॉपी अनिवार्य होगी।
20 और 22 फरवरी को दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक शहर के कई मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है। रामगढ़ मोड़ से जलमहल होकर आमेर जाने वाली सिटी और मिनी बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। आमेर तिराहा दिल्ली रोड से वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। आमेर कस्बे से आने वाले वाहनों को गांधी चौक से दिल्ली रोड की तरफ भेजा जाएगा। नाहरगढ़ फोर्ट से आने वाले वाहनों को जयगढ़ टी-पॉइंट से आमेर की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
रामगढ़ मोड़ से कूकस घाटी तक मुख्य मार्ग पर वाहन खड़ा करना सख्त मना है। पार्किंग की व्यवस्था (Parking Slots) दर्शकों के लिए निम्न स्थानों पर पार्किंग तय की गई है। ग्रामीण पुलिस लाइन (परेड ग्राउंड), जलतरंग के पास खाली मैदान। पाल किनारे, हज हाउस दरगाह, हज हाउस स्कूल और पार्क। यदि पार्किंग भर जाती है, तो खोले के हनुमान जी क्षेत्र में वैकल्पिक पार्किंग उपलब्ध होगी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. राजीव पचार के अनुसार, 20 से 22 फरवरी (सुबह 10 से शाम 6 बजे) तक जलमहल के 5 किलोमीटर के दायरे में 'नो फ्लाई जोन' घोषित किया गया है। एयर शो के दौरान ड्रोन उड़ाना और पतंगबाजी करना सख्त प्रतिबंधित है।
आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई और कारावास हो सकता है। चूंकि लड़ाकू विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ेंगे, इसलिए पतंग की डोर एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे शो का आनंद ऊंचाई वाले स्थानों जैसे नाहरगढ़, जयगढ़, आमेर किला, खोले के हनुमान जी मंदिर या अपनी कॉलोनियों की छतों से लें। यहां से वायुसेना के जेट विमानों द्वारा बिखेरे जाने वाले 'तिरंगे धुएं' का नजारा बेहद स्पष्ट दिखेगा। यह एयर शो न केवल वायुसेना की शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि राजस्थान के युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का एक बड़ा मंच भी है।
Published on:
19 Feb 2026 08:23 am
