जोधपुर

Jodhpur: देश सेवा का था सपना, चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में गिरी छात्रा, दोनों पैर कटे

जोधपुर रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसे में एयरफोर्स भर्ती परीक्षा देने जा रही एक युवती के दोनों पैर कट गए। युवती चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैक पर गिर गई।
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Aug 01, 2026
Dimple Train Accident
अस्पताल में भर्ती छात्रा डिंपल। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में एयरफोर्स भर्ती परीक्षा देने जा रही एक युवती के दोनों पैर कट गए। युवती चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैक पर गिर गई। गंभीर हालत में उसे पहले मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जीआरपी के अनुसार मंडोर निवासी 21 वर्षीय डिंपल पुत्री राजू सिंह निवासी गांव खुडियाला, हाल नीलकंठ नगर मंंडोर अपनी बहन ज्योति के साथ अहमदाबाद में आयोजित एयरफोर्स भर्ती परीक्षा देने जा रही थी। दोनों का जोधपुर-दादर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14807) में आरक्षित टिकट था। सुबह ट्रेन रवाना होने के दौरान डिंपल ने जल्दबाजी में ट्रेन पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रैक पर गिर गई। हादसे में उसके दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

हालत गंभीर, आइसीयू में भर्ती

महात्मा गांधी अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. रजनीश गालवा ने बताया कि युवती को गंभीर अवस्था में इमरजेंसी में लाया गया था। हादसे में उसका एक पैर पूरी तरह अलग हो चुका था, जबकि दूसरा भी लगभग कट चुका था। अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उसे आइसीयू में भर्ती किया गया है। हमारा प्रयास है कि उसकी हेल्थ कंडीशन सही हो जाए। इसके बाद उसे ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट करेंगे। जीआरपी के रमेश कुमार ने बताया कि दोनों बहनें ज्योति और डिंपल का अहमदाबाद जाने के लिए टिकट था। दोनों का स्लीपर कोच में रिजर्वेशन था। दोनों अहमदाबाद एयरफोर्स का एग्जाम देने जा रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया।

सपना था वर्दी पहनकर देश सेवा का, रेल हादसे ने छीन लिया पैर

रेल हादसे की शिकार हुई डिंपल का सबसे बड़ा सपना एयरफोर्स में भर्ती होकर देश की सेवा करना था, लेकिन एक पल में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी बदल दी। तीन बहनों में दूसरे नंबर की डिंपल बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना देख रही थी। उसके पिता भी सेना में थे, लेकिन सात साल पहले एक सड़क हादसे में उनका निधन हो गया था। पिता के अधूरे सपने और देशसेवा के जज्बे को आगे बढ़ाने की चाह रखने वाली डिंपल अब खुद जिंदगी की जंग लड़ रही है।

Updated on:
01 Aug 2026 09:26 am
Published on:
01 Aug 2026 09:26 am