जोधपुर

अजित पवार की मौत ने याद दिलाया राजस्थान का पहला विमान हादसा, जब इस दिग्गज नेता की गई थी जान; नहीं मना पाए थे जीत का जश्न

Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में राजस्थान के पहले विमान हादसे की यादें ताजा कर दी।
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Jan 29, 2026
Private plane crash
प्लेन क्रैश। फोटो: पत्रिका

जयपुर। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस दुखद घटना ने राजस्थान के इतिहास के उस दर्दनाक हादसे याद ताजा कर दी, जब जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह की एक प्राइवेट प्लेन क्रैश में असमय मृत्यु हो गई थी। तब सुमेरपुर के पास हुए उस हादसे में महाराजा के साथ उनकी पत्नी ज़ुबैदा की भी जान चली गई थी। बता दें कि राजस्थान के इतिहास में यह पहली नागरिक प्लेन क्रैश की घटना थी।

बता दें कि साल 1952 में जोधपुर के सुमेरपुर के पास हुआ यह हादसा राजस्थान के इतिहास की पहली नागरिक विमान दुर्घटना थी, जिसने राजस्थान के राजघरानों सहित राजनीति को झकझोर कर रख दिया था। इस विमान हादसे में महाराजा हनवंत सिंह की पत्नी जुबैदा की मौत हो गई थी। यह विमान हादसा आज भी सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जाता है।

नहीं मना पाए थे जीत का जश्न

भारतीय स्वतंत्रता और राजस्थान के राज्य के रूप में गठन के बाद जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह ने साल 1952 में ही अखिल भारतीय रामराज्य परिषद नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी। इसके बाद उन्होंने जोधपुर लोकसभा तथा जोधपुर बी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। फरवरी 1952 में हुए चुनावों में हनवंत सिंह ने अपने क्षेत्र जीत हासिल की थी। लेकिन, वो जीत का जश्न भी नहीं मना पाए थे।

उड़ान भरते ही विमान हो गया था क्रैश

26 जनवरी 1952 को वे अपनी पत्नी ज़ुबैदा के साथ अपने छह सीटर प्लेन में सवार होकर सैर को निकले। लेकिन, कुछ देर बाद ही सुमेरपुर के पास विमान क्रैश हो गया था। जिसमें महाराजा हनवंत सिंह और उनकी पत्नी ज़ुबैदा की मौत हो गई थी। वे लोकसभा और विधानसभा दोनों में विजयी रहे थे। लेकिन, चुनावों के नतीजे हनवंत सिंह की मृत्यु के बाद आए थे, ऐसे में वे जीत का जश्न भी नहीं मना पाए थे। उनकी मौत के बाद दोनों सीटों पर उपचुनाव हुए थे।

कौन थे महाराजा हनवंत सिंह?

हनवंत सिंह का पहला विवाह 1943 में ध्रांगदा की राजकुमारी कृष्णा कुमारी से हुआ। वे जून 1947 में जोधपुर के महाराजा बने। वे हवाई जहाज उड़ाने के शौकिन थे और अक्सर यूरोप घूमने जाते थे। 1948 में हनवंत सिंह की मुलाकात इंग्लैंड में 19 साल की स्कॉटिश नर्स सैंड्रा मकब्रिड से हुई। इसके बाद दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और शादी कर ली थी। शादी के बाद हनवंत सिंह सैंड्रा मैकब्राइड को जोधपुर ले आए। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही तलाक हो गया और सैंड्रा वापस इं​ग्लैंड चली गई थी। 1950 में उनकी तीसरी शादी तलाकशुदा मुस्लिम अभिनेत्री ज़ुबैदा से हुई थी। लेकिन, 29 साल की उम्र में ही हनवंत सिंह का प्लेन हादसे में निधन हो गया था।

Updated on:
29 Jan 2026 11:55 am
Published on:
29 Jan 2026 11:53 am