जोधपुर

आसाराम को किसी सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया: बचाव पक्ष

आसाराम को किसी सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। समय आभाव के कारण अधूरी रही बहस बुधवार को फिर होगी।
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Updated: 22 Nov 2017, 8:28 AM IST
Asaram
Asaram on list of saints issued by akhada parishad

जोधपुर। नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार के मामले में फंसे आसाराम के बचाव पक्ष ने मंगलवार को एससीएसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा की अदालत में बहस जारी रखी।

मरूधर एक्सप्रेस से दोपहर 2 बजे के करीब जयपुर पहुंची
बहस के दौरान आसाराम के अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने नया तथ्य पेश करते हुए कहा कि पीडि़ता व उसकी मां तथाकथित घटना के बाद जोधपुर से मरूधर एक्सप्रेस से दोपहर 2 बजे के करीब जयपुर पहुंची। वहां दोनों ने एक अधिवक्ता से सम्पर्क कर आसाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा था, लेकिन अधिवक्ता ने इनकार कर दिया।

लड़की की मां आसाराम को दिल्ली में ही गिरफ्तार कराना चाहती थी?
उसके बाद लड़की तथा उसकी मां कार से दिल्ली पहुंची तथा वहां कमला नेहरू मार्केट स्थित पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवाई। अधिवक्ता सुराणा ने कहा कि इस मामले की मुख्य अनुसंधान अधिकारी रही चंचल मिश्रा ने अपने बयान में कहा था कि लड़की की मां आसाराम को दिल्ली में ही गिरफ्तार कराना चाहती थी। इससे साजिश का पता चलता है।

आसाराम को किसी सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया
उन्होंने पुलिस पर संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना 14 व 15 अगस्त 2013 की रात की बताई जा रही है। जोधपुर में घटी इस तथाकथित घटना के सम्बन्ध में रिपोर्ट 600 किलोमीटर दूर दिल्ली में 19 अगस्त को लिखवाई गई।

उसके बाद रिपोर्ट अज्ञात कारणों न्यायालय में तीन दिन बाद 21 अगस्त को पेश की गई। इस तरह पूरा मामला बनाया हुआ, झूठा तथा संदिग्ध प्रतीत होता है। आसाराम को किसी सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। समय आभाव के कारण अधूरी रही बहस बुधवार को फिर होगी।

Updated on:
22 Nov 2017, 8:28 AM IST
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