Rajasthan Limestone Auction: राजस्थान में लाइम स्टोन खदानों की नीलामी से सरकार को अगले 50 साल में बड़ी कमाई होने की उम्मीद है। अप्रेल में 9 ब्लॉक की नीलामी के बाद राज्य सरकार को करीब 24 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान लगाया गया है।
जयपुर। खान विभाग को अप्रेल में लाइम स्टोन की 9 खानों की नीलामी से अगले 50 साल में करीब 24 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। अब तक 60 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। मई में 5 और मेजर मिनरल खानों की नीलामी के लिए निविदाएं जारी होंगी।
खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने गुरुवार को विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक में बताया कि अप्रेल में नागौर, जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ जिलों के 1218.43 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित लाइम स्टोन के 9 ब्लॉकों की नीलामी की गई है। इन ब्लॉकों में करीब 920 मिलियन टन लाइम स्टोन भंडार होने का अनुमान है।
नीलामी के तहत राज्य सरकार को पहली किस्त के रूप में करीब 60 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जबकि आगामी तीन किस्तों में लगभग 300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। खनन कार्य शुरू होने के बाद इन ब्लॉकों से दीर्घकाल में बड़ा राजस्व प्राप्त होगा। खान निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने कहा कि वित्तीय वर्ष के पहले ही माह में 9 ब्लॉकों की नीलामी विभाग की बड़ी उपलब्धि है।
माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि अप्रेल माह में 9 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ ही खान विभाग ने मिनरल ब्लॉकों के ऑक्शन के सालाना एक्शन प्लान का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से एक्शन प्लान बनाकर तय टाइमलाइन के अनुसार क्रियान्वयन पर फोकस किया जा रहा है।
गौरतलब है कि एसीएस माइंस अपर्णा अरोड़ा ने मार्च माह में विभाग का कार्यभार संभालने के साथ ही सालाना एक्शन प्लान बनाने और टाइमलाइन तय कर क्रियान्वयन पर जोर दिया था। मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से समीक्षा बैठकों में राजस्थान को माइनिंग सेक्टर में देश का अग्रणी प्रदेश बनाने और खनिज खोज से खनन तक कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया है।
खान विभाग राज्य सरकार के राजस्व प्राप्ति के प्रमुख विभागों में शामिल है। एसीएस अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि मई माह में 5 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की निविदाएं जारी की जा रही हैं। उन्होंने मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्य में तेजी लाने, अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और विभागीय मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि वित्तीय वर्ष के पहले माह में ही 9 ब्लॉकों की नीलामी बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विभागीय प्रगति की भी जानकारी दी। बैठक में अतिरिक्त निदेशक माइंस महेश माथुर, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान आलोक प्रकाश जैन, विशेषाधिकारी श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वे सुनील कुमार वर्मा और अधीक्षण भूवैज्ञानिक जयपुर संजय सक्सेना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।