
सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम अशोक गहलोत। फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई लापरवाही को अक्षम्य बताते हुए गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तुरंत स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और जिम्मेदारों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई होनी चाहिए।
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गहलोत ने अपने बयान में कहा कि अस्पताल में प्रसूताएं रातभर तड़पती रहीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस लापरवाही के कारण दो प्रसूता की मौत हो गई एवं पांच की किडनी फेल होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सिस्टम की इतनी बड़ी विफलता के बावजूद मुख्यमंत्री स्तर पर पूरी तरह चुप्पी बेहद असंवेदनशीलता की परिचायक है।
मुख्यमंत्री को तुरंत स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और जिम्मेदारों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई होनी ही चाहिए। यह लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि कोटा जिले के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की जान पर बन आई है। ऑपरेशन के बाद पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती कई महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक दो प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। मृतक दोनों प्रसूताओं में किडनी खराब होने की शिकायत सामने आई है। रक्तचाप कम होने के साथ ही प्लेटलेट्स काउंट भी कम हो गए थे। साथ ही यूरिन पास होना बंद हो गया था। इस मामले में एक प्रसूता की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद अन्य प्रसूताओं को मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में स्थानांतरित किया गया, जबकि दूसरी प्रसूता की मौत गुरुवार को उपचार के दौरान हो गई।
सूत्रों ने बताया कि 4 मई को अस्पताल में कुल 12 प्रसव हुए थे, जिनमें से 10 सिजेरियन ऑपरेशन थे। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही छह प्रसूताओं की हालत गंभीर होने लगी। मरीजों में अचानक किडनी खराब होना, रक्तचाप कम होना और प्लेटलेट्स काउंट कम होने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए। इस घटना में पहली मौत मंगलवार तड़के रावतभाटा निवासी पायल की हुई। गुरुवार को दूसरी दुखद खबर आई, जब अनंतपुरा निवासी 20 वर्षीय ज्योति ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी आईसीयू में दम तोड़ दिया।
Updated on:
07 May 2026 07:07 pm
Published on:
07 May 2026 06:23 pm
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