जोधपुर

जोधपुर के अस्पतालों में बैक्टिरिया व वायरस का अटैक, मेडिकोज व स्टूडेंट्स खुद हो रहे डेंगू-टायफाइड के शिकार

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्पतालों के परिसर में बने हॉस्टल्स में बैक्टिरिया व वायरस मंडरा रहे हैं। गत दो-तीन माह में यहां डेंगू-टाइफायड के रोगी सामने आए हैं। जबकि शिकायत ये भी है कि हॉस्टल में नहाने का पानी भी साफ नहीं आ रहा है।

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Dec 02, 2019
bacteria and virus attack in hospitals of jodhpur
जोधपुर के अस्पतालों में बैक्टिरिया व वायरस का अटैक, मेडिकोज व स्टूडेंट्स खुद हो रहे डेंगू-टायफाइड के शिकार

जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अधीन अस्पतालों के परिसर में बने हॉस्टल्स में बैक्टिरिया व वायरस मंडरा रहे हैं। गत दो-तीन माह में यहां डेंगू-टाइफायड के रोगी सामने आए हैं। जबकि शिकायत ये भी है कि हॉस्टल में नहाने का पानी भी साफ नहीं आ रहा है। मेडिकोज को पीने के पानी तक की दिक्कत आ रही है। कई मेडिकोज प्रतिदिन पीने के पानी के कैंपर तक मंगवा रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार अस्पताल व मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कर दी गई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया।

सीएम को मेडिकोज दे चुके हैं ज्ञापनगत दिनों सीएम अशोक गहलोत के जोधपुर दौरे के दौरान मेडिकल स्टूडेंट्स की वेलफेयर यूनियन ने उन्हें ज्ञापन सौंप अपनी पीड़ा बताई थी। छात्रों ने कहा था कि उनके यहां सडक़ निर्माण नहीं हुआ। क्षतिग्रस्त सडक़ों पर पानी जमा है। इस कारण मच्छर पनप रहे हंै। कई छात्र डेंगू की चपेट में आए हैं। इसका असर एमडीएम अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके परिजनों पर पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हॉस्टल की छतें टपक रही हैं। पानी पीने के स्त्रोत खस्ता हो गए हैं। पानी की टंकियों के ढक्कन तक नहीं हैं, उनमें कचरा गिर रहा है। हॉस्टल के पीछे के रास्ते से टंकियों से रोज पानी टपक रहा है। जिससे आसपास गंदगी पनप रही है।

गल्र्स नर्सिंग हॉस्टल के पास पानी हो रहा लीकेज
महात्मा गांधी अस्पताल में स्थित गल्र्स नर्सिंग हॉस्टल के सामने गड्ढों में पानी जमा मिला। जहां कई तरह के मच्छर पनपते मिले। इसके अलावा एक जगह पानी की पाइप लाइन से पानी का रिसाव होता दिखा। नर्सिंग स्टूडेंट्स व स्टाफ को डेंगू-टायफाइड होने के मामले सामने आए थे। अस्पताल प्रशासन व जिम्मेदारों की ओर से सुधार के लिए कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ ब्वॉयज नर्सिंग हॉस्टल में अंदर सफाई तक नजर नहीं आई।

वार्डन नहीं लेते सुध
मेडिकल कॉलेज के मेडिकोज छात्रावासों की सुध लेने वार्डन नहीं जा रहे हैं। मेडिकोज के पास कई शिकायतें हैं, लेकिन जिम्मेदार इनकी आकर कोई सुध नहीं ले रहे। पत्रिका को हॉस्टल की पड़ताल में पता लगा कि यहां छोटी-बड़ी पानी की पाइप लाइन टूटने पर उनके मरम्मत का कार्य भी खुद को ही करना पड़ता है।

इनका कहना
हमने हर हॉस्टल में वार्डन हैं। हमने सफाई के हिसाब से ठेका बदला है। अगर कैंपर मंगवा रहे है तो इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
- डॉ. एसएस राठौड़, प्रिंसिपल, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

Published on:
02 Dec 2019 03:54 pm