जोधपुर

रिफाइनरी को मिलेगी रेल रफ्तार: 11 KM बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन का सर्वे पूरा, रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा प्रस्ताव

पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बालोतरा-पचपदरा के बीच प्रस्तावित 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है तथा लागत आकलन और तकनीकी रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
2 min read
• •
Updated: 8 Jun 2026, 2:56 PM IST
Balotra Pachpadra Railway Network Expansion
फोटो पत्रिका

Balotra Pachpadra Railway Line: जोधपुर। पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बालोतरा-पचपदरा के बीच प्रस्तावित 11 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है तथा लागत आकलन और तकनीकी रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होते ही परियोजना का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह नई रेल लाइन पूर्व की मीटरगेज रेल लाइन की अलाइनमेंट पर विकसित की जाएगी। हाल ही बाड़मेर दौरे के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने बताया कि परियोजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह रेल लाइन पचपदरा रिफाइनरी को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने के साथ माल परिवहन को भी नई गति देगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को मंजूरी देते हुए 33 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर चुके हैं।

निवेश, व्यापार व रोजगार सृजित होंगे

नई रेल लाइन के निर्माण से पचपदरा का बालोतरा, बाड़मेर और जोधपुर सहित अहमदाबाद, जयपुर तथा दिल्ली से सीधा संपर्क मजबूत होगा। इससे रिफाइनरी तक कच्चे तेल और तैयार पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी तथा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

यह भी जानें

  • यह लाइन 35 साल पहले (1990 के दशक में) बंद हो गई थी (मुख्यतः नमक व्यापार के लिए इस्तेमाल होती थी)।
  • पचपदरा रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है और यह क्षेत्र के सबसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में से एक है।

पत्रिका अभियान और जनआंदोलन को मिली सफलता

राजस्थान पत्रिका ने 25 मई को प्रकाशित खबर ‘रेल की राह में छिड़ी ट्रैक की जंग’ सहित विभिन्न समाचारों के माध्यम से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अभियान में यह तथ्य सामने लाया गया कि पुराने अलाइनमेंट पर रेलवे लाइन बनने से रेलवे की भूमि सुरक्षित रहेगी तथा रेल नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

प्रतिनिधिमंडल ने रेल मंत्री के समक्ष पत्रिका में प्रकाशित खबरों की प्रति भी रखी। ऐसे में निर्णय के बाद सांभरा, मंडापुरा और पचपदरा क्षेत्र के आंदोलनरत ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया है।

Updated on:
8 Jun 2026, 2:56 PM IST
Published on: