जोधपुर

भंवरी देवी हत्याकांड में 33 दिन बाद बड़ा मोड़: 3 संदिग्धों का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट, बदले गए जांच अधिकारी

फलोदी जिले के लोहावट में भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड को 33 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों का धरना जारी है।
2 min read
Aug 29, 2026
bhanwari devi murder case
Bhanwari Devi Murder Case (Patrika File Photo)

Bhanwari Devi Murder Case: फलोदी के लोहावट में भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड को शनिवार को 33 दिन पूरे हो गए, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले 24 दिनों से थाने के बाहर धरना प्रदर्शन जारी है। इसी बीच मामले की जांच में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने जांच लोहावट वृत्ताधिकारी भवानी सिंह से हटाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण को सौंप दी है।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए तीन संदिग्ध लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने का निर्णय लिया गया है। पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने बताया कि तीनों संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने के लिए आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, तीनों लोगों ने टेस्ट के लिए अपनी सहमति भी दे दी है। आने वाले दिनों में एफएसएल के माध्यम से पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जाएगा।

27 जुलाई की रात हुई थी हत्या

भंवरी देवी बिश्नोई की 27 जुलाई की रात उनके खेत पर स्थित घर के बाहर सोते समय हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों और परिजनों में नाराजगी बनी हुई है।

हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई की अगुवाई में पिछले 24 दिनों से लोहावट थाने के बाहर धरना चल रहा है। धरने में रोजाना बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है।

पहले थानाधिकारी, अब जांच अधिकारी बदला

मामले को लेकर धरने पर बैठे पूर्व विधायक किशना राम विश्नोई लगातार थाना अधिकारी और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर मामले में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी बनने के बाद लोहावट थानाधिकारी हरि सिंह राजपुरोहित को हटाकर पाली भेज दिया गया।

अब शुक्रवार को मामले के जांच अधिकारी भवानी सिंह को भी हटा दिया गया। उनकी जगह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए नए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट से पुलिस को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

Updated on:
29 Aug 2026 03:05 pm
Published on:
29 Aug 2026 03:01 pm