
जोधपुर। सस्ते और आरामदायक सफर के लिए शहर में लो-फ्लोर बसों को ढाई साल बाद सडक़ों पर मंगलवार से फिर उतारा जाएगा। नगर निगम उत्तर इन बसों का संचालन करेगा। बीआरटीएस बसों को फिलहाल 4 रूट पर चलाया जाएगा। इससे मुख्य रूप से स्टूडेंट्स को फायदा होगा। लंबे समय से स्टूडेंट्स सिटी बसों में सफर करने के लिए एक दिन में करीब 40 रुपए किराया दे रहे हैं। अब यह किराया आधा यानि 20 रुपए ही रह जाएगा। जबकि महिलाओं को भी बीआरटीएस बसों में करीब 30 प्रतिशत किराए में छूट मिलेगी। निगम मुख्यालय के बाहर से 20 बसों को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाएगा।
दरअसल, राजस्थान पत्रिका ने बीआरटीएस बसों का संचालन वापस शुरू करवाने के लिए अभियान शुरू किया था। इस मामले में पत्रिका ने समय-समय पर खबरों का प्रकाशन करके नगर निगम प्रशासन को चेताया था। उसके बाद से ही इन बसों का संचालन करने वाली कंपनी ने निगम से पत्राचार करना प्रारंभ किया था। निगम उत्तर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से भी बसों के संचालन को शुरू करवाने के लिए जोर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने झालामंड में पड़ी बसें शुरू करने के साथ ही नई 70 बीआरटीएस बसें देने की घोषणा की है।
4 मार्गों पर चलेंगी बसें
बीआरटीएस की बसों के संचालन के लिए 4 मार्ग निर्धारित किए गए थे। इसमें बनाड़ से कालीबेरी, बनाड़ से चौपासनी, मंडोर से सालावास, आरटीओ ऑफिस से फिल्टर हाउस तक बसें चलेगी। नगर निगम उत्तर की महापौर कुंती देवड़ा परिहार ने बताया कि इन बसों के संचालन के लिए पिछले 2 साल से प्रयास किए जा रहे थे। 39 बसों के अलावा राजस्थान सरकार ने अपनी घोषणा में 70 नई बसें देने की बात भी कही है। ऐसे में नई बसें प्राप्त होने पर शहर का और बड़ा हिस्सा नए रूट से इन बसों के जरिए जोड़ा जाएगा।
टैक्स और फिटनेस पर खर्च हुए 8 लाख
लंबे समय से झालामंड स्थित निगम के गैराज में खड़ी बसों के परमिट, इंश्यारेंस, टैक्स और फिटनेस भी खत्म हो चुके थे। निगम ने प्रारंभिक तौर पर शुरू की गई 20 बसों के परमिट, इंश्योरेंस रिन्यू, टैक्स और फिटनेस पर 8 लाख रुपए खर्च किए है। इसके अलावा बसों की मरम्मत पर भी निगम ने करीब 40 लाख रुपए खर्च किए है।