
जोधपुर. राज्य सरकार ने जालोर सेंट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक (सीसीबी) के प्रबंध निदेशक प्रशांत कल्ला को एक बार फिर से एपीओ (पदस्थापना के आदेश की प्रतीक्षा में) कर दिया है। उनका मुख्यालय जोधपुर स्थित सहकारी समितियों के अतिरिक्त रजिस्ट्रार कार्यालय में किया गया है। इससे पहले जून में भी एपीओ किया गया था लेकिन राज्य सरकार ने अगले ही दिन आदेश निरस्त कर दिया था।
जालोर की बलवाड़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) में अपात्र लोगों को ऋण माफी देने में 7 करोड़ रुपए का घोटाला पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद कई अन्य जीएसएस में 2.37 करोड़ रुपए का ऋण माफी घोटाला भी सामने आया। स्थानीय विधायक के मामला उठाने पर सहकारिता विभाग ने कल्ला से इस पर विशेष रिपोर्ट मांगने के साथ अतिरिक्त रजिस्ट्रार धनसिंह देवल को विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए थे। देवल ने फतेह सिंह राजपुरोहित एवं चंपालाल पालीवाल की जांच कमेटी बनाई। इसने गबन प्रमाणिक माना है लेकिन देवल ने अब तक जांच के तथ्य उजागर नहीं किए हैं। कल्ला की जांच में कई जीएसएस में गबन सामने आया है।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका
पत्रिका में प्रकाशित खबरों को लेकर सिमरनाराम व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति और न्यायाधीश दिनेश मेहता की खण्डपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर रखा है।