
जोधपुर. देश के 22 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) की प्रवेश परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट:2020) में खामियों के तमाम दावों को शनिवार शाम को परीक्षा आयोजक क्लैट कंसोर्टियम ने दो पेज का प्रेस नोट जारी करके खारिज कर दिया। कंसोर्टियम ने कहा कि उनकी एक्सपर्ट कमेटी ने परीक्षा को सही पाया है। नई आंसर-की जारी की गई, जिसमें तीन सवाल हटाए गए हैं। अब प्रश्न पत्र 150 के स्थान पर 147 का होगा। साथ ही चार प्रश्नों एक अंग्रेजी, एक सामान्य और दो क्वांटेटिव एप्टीट्यूड के उत्तर बदले गए हैं। परीक्षा परिणाम सोमवार को घोषित किया जाएगा। मंगलवार को काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
किसने कितनी बार क्लिक किया, माउस चलाया, सब रिकॉर्ड है
क्लैट कंसोर्टियम ने कहा कि उन्होंने परीक्षा टीसीएस आयोन से करवाई है जो राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा करवाने के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान है। किस छात्र ने कितनी बार क्लिक किया और कितना माउस मूवमेंट हुआ, सब छात्रों की जानकारी ऑडिट ट्रेल में है। टीसीएस को रिकॉर्ड रखने के लिए कहा गया है। अगर कोई छात्र न्यायालय जाएगा तो ऑडिट ट्रेल उसे दिखा देंगे। कंसोर्टियम ने उदाहरण के तौर पर बताया कि एक छात्र ने एक प्रश्न के 6 बार उत्तर बदले थे और सॉफ्टवेयर ने छठे उत्तर को सेव किया।
सेव एण्ड नेक्सट जांचे गए, मार्क एण्ड रिव्यू नहीं
कंसोर्टियम ने बताया कि छात्र छात्राओं ने जिन प्रश्नों के उत्तर ‘सेव एण्ड नेक्सट’ किए, केवल उन्हीं को जांचा गया। ‘मार्क एण्ड रिव्यू’ पर क्लिक करवाने वाले जांचें नहीं गए हैं और अब परीक्षा के बीच में दिशा निर्देश नहीं बदल सकते। परीक्षा से पहले 5 मॉक टेस्ट करवाए थे, जिसे 50 हजार छात्रों ने दिया जबकि क्लैट 75 हजार ने दी। मॉक टेस्ट में किसी ने आपत्ति नहीं की थी। जिन छात्रों ने मॉक टेस्ट ढंग से नहीं दिया, उन्हीं को प्रश्नों के उत्तर समझने में दिक्कत हुई है।
नीट, जेईई की तरह 1000 रुपए नहीं लिए
क्रेक क्लैट के राजेंद्र खदाव ने बताया कि कंसोर्टियम का कहना है कि नीट, जेईई, नेट जैसी परीक्षाओं में आंसर-की पर आपत्ति के 1000 रुपए तक शुल्क लिया जाता है जबकि क्लैट के लिए यह फ्री था इसलिए अधिक आपित्तयां आई। अगले साल आपत्ति पर शुल्क लगेगा यदि आपत्ति सही पाई जाती है तो शुल्क रीफण्ड कर दिया जाएगा।