
जोधपुर.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( AIIMS ) में पहली बार जटिल स्पाइन सर्जरी कर एक युवक की रीढ़ की हड्डी सीधी की गई हैं। ऐसी जटिल सर्जरी जयपुर एसएमएस के बाद जोधपुर एम्स के चिकित्सकों ने की है। ऑपरेशन के बाद मरीज का रीढ़ की हड्डी का कूबड़पन दूर हो गया है और अब वह स्वस्थ है। चिकित्सकों के अनुसार अब मरीज सीधे रूप से चल पा रहा है और उसे रिकवर होने मेंं समय लगेगा, लेकिन 6 माह बाद वह दौड़ भी सकेगा। ऑपरेशन के बाद मरीज की एक इंच लम्बाई भी बढ़ गई है।
जोधपुर एम्स के आर्थोपेडिक्स विभाग में नागौर जिले के 19 वर्षीय युवक ने अक्टूबर 2018 को परामर्श लिया था। तब से मरीज का इलाज चल रहा है। रीढ़ की हड्डी के कूबड़पन के कारण युवक का एक फैफड़ा दब रहा था, टेढ़ापन लगातार बढ़ते रहने से उसे श्वांस लेने में भी दिक्कत आने लगी। धीरे-धीरे उसकी तकलीफ बढ़ती गई। विभिन्न तरह की जांच के बाद एम्स चिकित्सकों ने मरीज का ऑपरेशन करना तय किया।
कुछ दिन पहले एम्स के spine surgery विशेषज्ञ सहायक प्रोफेसर डॉ. नीतेश गहलोत, डॉ. भरत शर्मा, डॉ. कुणाल ने मरीज का सफल ऑपरेशन किया। एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप भाटिया, डॉ. भरत पालीवाल, डॉ. नरेन्द्र कलोरिया ने एनेस्थिसिया दिया। चिकित्सकों के अनुसार मरीज को यह तकलीफ दस वर्ष से थी। ऑपरेशन के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी सीधी कर दी गई। चिकित्सकों ने स्क्रू लगाकर इम्पलांट रॉड़ डालकर रीढ़ की हड्डी को सीधी किया है।
डॉ. गहलोत के अनुसार यह बेहद ही जटिल ऑपरेशन था, क्योंकि इसमें न्यूरो मॉनीटिरिंग की जरूरत पड़ती है। न्यूरो एंजरी के ऑपरेशन में हाई रिस्क रहता है। ऑपरेशन के बाद मरीज की रीढ़ की हड्डी सीधी हो गई, उसका कूबड़पन दूर होने से एक इंच लम्बाई भी बढ़ गई है।