
विकास चौधरी/जोधपुर. निकटवर्ती आंगणवा के पास झाडिय़ों के बीच युवक के जिन्दा जलने के मामले में पुलिस की जांच आत्मदाह की दिशा में बढ़ रही है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुलिस इस संबंध में अधिकारिक रूप से अंतिम निष्कर्ष तक पहुंच पाएगी, लेकिन तीन दिन की जांच में पुलिस के सामने जो तथ्य आए हैं, वो युवक के जानबूझकर खुद को आग लगाने की ओर अधिक संकेत दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार रामसागर चौराहे के पास तरुण पुत्र राजेन्द्रसिंह परिहार के जिन्दा जलने के मामले की जांच चल रही है। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। अब तक की जांच में सामने आया है कि मृतक सोमवार सुबह नौ बजे घर से निकला था तो शरीर पर पहने ताबीज व अंगूठी आदि खोलकर रख दिए थे।
उसने नयापुरा स्थित पेट्रोल पंप से मोटरसाइकिल की टंकी पेट्रोल से पूरी भरवाई थी, जबकि मौके पर बाइक बरामद हुई तो उसमें आधे से कुछ ज्यादा पेट्रोल ही भरा मिला था। पास ही प्लास्टिक का पाइप भी बरामद हुआ। इसमें पेट्रोल की गंध आ रही थी। घर से आंगणवा महज दस से बारह किलोमीटर ही है। गौरतलब है कि तरुण परिहार सोमवार सुबह 9.35 बजे आंगणवा में एक खेत के पास झाडिय़ों में जली हालत में मिला था। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन रास्ते में मृत्यु हो गई थी। उसे जिन्दा जलाने की आशंका जताते हुए हत्या का मामला दर्ज कराया गया था।
बदले रास्ते से गया था आंगणवा, कोई वाहन नहीं थे पीछे
मृत्यु के बाद कुछ लोगों ने पुलिस को बताया था कि मृतक की मोटरसाइकिल के आगे व पीछे दो संदिग्ध वाहन चल रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले एेसी बाइक के टायर एलॉय व्हील वाले हैं। जबकि तरुण की मोटरसाइकिल के व्हील ताडि़यों वाले हैं। वह सोमवार को घर से निकलने के बाद अलग रास्ते से आंगणवा पहुंचा था। वह फुटेज वाले मार्ग की बजाय गोकुलजी की प्याऊ होते हुए निकला था। एेसे में उसका पीछा करने वाली आशंका समाप्त सी हो गई है।