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Jodhpur News: जोधपुर में सोनम वांगचुंग की रिहाई की मांग, पुलिस ने सेंट्रल जेल पहुंचने से पहले समर्थकों को रोका

Sonam Wangchung: जोधपुर में सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने सेंट्रल जेल पहुंचने से पहले ही उन्हें रोक दिया।

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Feb 25, 2026
प्रदर्शन करते समर्थक। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। लेह-लद्दाख में हुए घटनाक्रम के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को जोधपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। सेंट्रल जेल की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पहले ही रोक दिया, जबकि सेंट्रल जेल से पहले की गई व्यापक बैरिकेडिंग से आम लोगों और सरकारी दफ्तरों में आने-जाने वालों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

धरना-प्रदर्शन और विचार गोष्ठी

सोनम वांगचुक रिहाई मंच और महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में धरना-प्रदर्शन और विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कॉर्डिनेटर शिवकरण सैनी, सह संयोजक इकबाल मौलानी और युवा संयोजक अक्षय गहलोत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एनएसए के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए वांगचुक की रिहाई की मांग उठाई। शिवकरण सैनी ने कहा कि वांगचुक पिछले 153 दिनों से जेल में बंद हैं और उन्हें अलोकतांत्रिक तथा गैर कानूनी तरीके से नजरबंद रखा गया है।

अलर्ट मोड पर पुलिस

इधर, विभिन्न संगठनों की ओर से सेंट्रल जेल के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। मोहनपुरा पुलिया के पास से ही जेल की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने डिस्कॉम और CMHO कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद कर दिए, जिससे वहां काम से आने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बैरिकेडिंग के कारण नगर निगम, डिस्कॉम और CMHO कार्यालय से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी भी रास्ता खुलने का इंतजार करते नजर आए।

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जनता ने किए सवाल

लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन जेल के बाहर होना था, फिर अन्य कार्यालयों के रास्ते क्यों बंद किए गए। दोपहर तीन बजे जिला कलक्टर कार्यालय के सामने महावीर उद्यान में विभिन्न समूहों की बैठक भी आयोजित की गई। प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को सरकार के दबाव में जेल में रखा गया है और उन्हें जल्द रिहा किया जाना चाहिए।

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