जोधपुर

Rajasthan Politics : ‘मैंने भी शतक लगाया है’, पिता महिपाल को याद कर ऐसा क्यों बोलीं दिव्या मदेरणा? 

ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने एक बार फिर अपने पिता स्वर्गीय महिपाल मदेरणा की राजनीतिक विरासत और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को याद कर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है।

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Mar 25, 2026
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मारवाड़ की कद्दावर नेता और ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने अपने पिता और पूर्व जल संसाधन मंत्री स्वर्गीय महिपाल मदेरणा के कार्यकाल को याद करते हुए एक प्रेरणादायक पोस्ट साझा की है। दिव्या ने बताया कि किस तरह उनके पिता ने 2008 में ओसियां की जनता से किया गया 'हिमालय के पानी' का वादा पूरा किया था।

आज जब राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पानी एक बड़ी चुनौती है, दिव्या मदेरणा ने उस दौर की याद दिलाई जब ओसियां की महिलाओं के सिर से घड़ों का बोझ उतारना उनके पिता का सबसे बड़ा संकल्प था।

'विधानसभा की सीढ़ियां और हिमालय का पानी'

दिव्या मदेरणा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 2008 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिपाल मदेरणा ने ओसियां की जनता के बीच हुंकार भरते हुए कहा था— “अगर आप मुझे विधानसभा की सीढ़ियाँ चढ़ने का मौका देंगे, तो मैं हिमालय का पानी यहाँ लाऊँगा और अपनी बहनों के सिर से घड़ों का बोझ उतार दूँगा।”

जनता ने उन्हें मौका दिया और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में जल संसाधन मंत्री बनते ही महिपाल मदेरणा ने अपनी कलम से सबसे पहला निर्णय ओसियां की पेयजल परियोजना पर हस्ताक्षर करने का लिया।

विरासत को आगे बढ़ाया, 103 टंकियों का 'शतक'

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पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए दिव्या मदेरणा ने अपनी राजनीतिक पारी में भी 'जल सेवा' को ही प्राथमिकता दी है।

  • कर्तव्य पथ पर: दिव्या ने पोस्ट में गर्व से साझा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में 103 पानी की टंकियों का निर्माण करवाकर 'शतक' लगाया है।
  • राजनीति नहीं, संकल्प: उन्होंने स्पष्ट किया कि ओसियां के हर घर तक मीठा पानी पहुँचाना उनके लिए केवल वोट की राजनीति नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विरासत और पवित्र कर्तव्य है।

रेगिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती- पानी की जंग

राजस्थान के पश्चिमी जिलों में, विशेषकर जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में, पीने के पानी के लिए महिलाओं को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। दिव्या ने उन दिनों को याद किया जब खारा पानी और दूर-दराज के जल स्रोत ही एकमात्र विकल्प थे। आज ओसियां के घरों में पहुँच रहा हिमालय का मीठा पानी महिपाल मदेरणा के उसी विजन का परिणाम है जिसे दिव्या अब नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट, समर्थकों में उत्साह

दिव्या मदेरणा की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने 'मदेरणा परिवार' के योगदान की जमकर सराहना की है। कई बुजुर्गों ने उस दौर की यादें साझा कीं जब पहली बार क्षेत्र में नहर का पानी पहुँचा था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिव्या इस पोस्ट के जरिए अपनी जड़ों और पिता के विकास कार्यों से जनता को फिर से जोड़ रही हैं।

विरासत और विकास का मेल

ओसियां की राजनीति में मदेरणा परिवार का नाम विकास कार्यों, विशेषकर सिंचाई और पेयजल योजनाओं से गहराई से जुड़ा है। दिव्या का यह संकल्प कि वे इस विरासत को निरंतर आगे बढ़ाएंगी, यह दर्शाता है कि वे आने वाले समय में भी पानी और किसान हितों के मुद्दों पर मुखर रहेंगी।

Published on:
25 Mar 2026 11:51 am