जोधपुर

किसी के पीछे बंध कर नहीं रहें महिला कलाकार, अपनी खुद की ताकत समझें

-प्रसिद्ध भजन गायिका खुशबू कुम्भट बोली, पुरुष प्रधान संगीत की दुनिया में महिला कलाकारों को नहीं मिलता पूरा मौका, देशभर में अपनी मधुर आवाज से खुशबू बिखेर रही जोधपुर की बेटी
2 min read
Jun 13, 2018
Do not stay behind anyone, women artist, understand your own strength
देशभर में अपनी मधुर आवाज से खुशबू बिखेर रही जोधपुर की बेटी

-13 साल पहले बाल गायिका के रूप में संगीत दुनिया में रखा था कदम
-51 घंटे तक लगातार भजन गायन रिकॉर्ड बनाने वाली पहली भजन गायिका
बासनी ( जोधपुर ).
संगीत की दुनिया में पैर जमाने के लिए जितना संघर्ष महिला कलाकारों को करना पड़ता है, उतना पुरुषों को नहीं। क्योंकि जितने भी आयोजन या शो होते हैं, उन सब पर पुरुष कलाकारों का कब्जा होता रहा है। अधिकत्तर महिला कलाकारों को किसी न किसी पुरुष कलाकारों के गु्रप के साथ बंधकर काम करना पड़ता है। यह कहना है प्रसिद्ध भजन गायिका खुशबू कुम्भट का। खुशबू देश भर में एकमात्र ऐसी महिला भजन गायिका हैं, जिनके नाम 51 घंटे लगातार गाने का रिकॉर्ड है। खुशबू ने पत्रिका के साथ खास बातचीत की।

13 साल पहले बाल कलाकार के रूप में संगीत की दुनिया में कदम रखने वाली जोधपुर की बेटी महामंदिर निवासी खुशबू कुम्भट अब देशभर में अपनी सुरीली आवाज से खुशबू बिखेर रही है। यह ऐसी कलाकार है, जिसने लगातार भजन गायन में खुद के रिकॉर्ड तीन बार तोड़े। शौक से शुरू हुआ खुशबू का सफर अब प्रोफेशन के रूप में चल रहा है। कला संसार में कलाकारों के बीच ओछी प्रतिस्पद्र्धा को खुशबू अच्छा नहीं मानती। इस कारण से वे बीच में कुछ समय तक विवादों में भी आई।


खुशबू ने कहा कि संगीत दुनिया में प्रतिस्पद्र्धा की दौड़ में महिला कलाकार खुद का वर्चस्व कायम नहीं कर पाती। और अधिकतर महिला कलाकार खुद का सैटअप भी नहीं करती। जिससे वो अपना खुद का मुकाम नहीं बना पाती। उन्होंने कहा कि मेरे ये विचार पुरुष प्रधानता के विरोध के नहीं बल्कि नारी शक्ति को खुद के बल पर आत्मनिर्भर बनाने के है। आज हर क्षेत्र में नारी आगे बढ़ रही हैं तो संगीत की दुनिया में भी महिला कलाकारों को अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहिए। खुशबू कहती है कि उन्होंने संगीत की दुनिया में जो मुकाम पाया है, वह खुद की मेहनत के बूते ही पाया है।


खुद के रिकॉर्ड तोड़े - 51 घंटे लगातार गा चुकी-
खुशबू ऐसी कलाकार है, जिसने लगातार भजन गाने का रिकॉर्ड खुद ही तोड़ा। खुशबू ने वर्ष 2007 में लगातार 24 घंटे भजन गाने का रिकॉर्ड बनाया। उसके बाद 2008 में लगातार 36 घंटे भजन गाए। इसके बाद खुशबू ने ब्रह्मबाग जालोरी गेट जोधपुर में वर्ष 2009 में लगातार 51 घंटे भजन गाने का रिकॉर्ड बनाया।

भजन गाते-गाते बालाजी को बनाया भाई-
खुशबू कहती है कि भजन गाते-गाते उसका मन भक्ति रस की तरफ बढऩे लगा है। बालाजी के भजन गाने से मन को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। कोई संकट नहीं आता। जब भी किसी प्रोग्राम में जाती हूं तब बालाजी को बोलती हूं, भाई मेरे साथ चलो।


घर की जिम्मेदारी संभाल रही-
खुशबू के पिता धर्मेन्द्र कुम्भट ने 2012 में धैर्यमुनि के रूप में जैन संत की दीक्षा ले ली थी। घर में सबसे छोटी खुशुबू के परिवार में दो बड़ी बहनें (जिनकी शादी हो चुकी है) और मां और दादा है। खुशबू अपनी मां के साथ रहकर उनकी देखभाल कर रही है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए खुशबू ने भजन गायन के प्रोफेशन को जारी रखा है।


आरजे व प्रशिक्षक
एमए-बीएड तक शिक्षा ग्रहण कर चुकी खुशबू केवल भजन ही नहीं गाती, बल्कि वह अच्छा नृत्य भी सिखाती है। अपनी बड़ी बहन शिखा के साथ हर साल समर कैम्प आयोजन में वह बच्चों व युवतियों को नृत्य कला भी सिखाती रही है। इसके अलावा खुशबू आकाशवाणी जोधपुर में आरजे खुशबू के रूप में अंशकालिक सेवाएं दे रही है। खुशबू प्रोफेशन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही है।

Published on:
13 Jun 2018 10:07 pm