Illegal Houses Action: जोधपुर में वनभूमि पर बने 9,526 अवैध मकानों पर प्रशासन सख्त हो गया है। बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी होने से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।
जोधपुर। शहर में वनभूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त रुख में नजर आ रहा है। राजस्थान सरकार के अधीन उप वन संरक्षक, जोधपुर कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए वनभूमि पर अवैध रूप से बने 9,526 मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काटने के आदेश दिए हैं। यह कदम अतिक्रमणकारियों पर दबाव बनाकर जमीन को कब्जामुक्त कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर के सात वनखंडों में कुल 9,526 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।
बेरीगंगा: 5,021
चानणा: 1,629
देवकुंड: 1,427
भूतेश्वर: 1,338
माचिया: 48
बड़ा भाखर: 37
लालसागर: 26
यह सख्ती राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में की जा रही है। अदालत में चल रहे सिविल रिट प्रकरण में वनभूमि पर अतिक्रमण को गंभीर मानते हुए प्रशासन को कड़े कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत अब संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि उसे न्यायालय में पेश किया जा सके। आदेशों की अनदेखी करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती है। इस पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साफ है कि शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाली वनभूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
वन विभाग के अनुसार जोधपुर वन मंडल की मंडोर रेंज के अंतर्गत चौपासनी, बेरीगंगा, बड़ाभाखर, लालसागर, देवकुंड, मोतीसरा और माचिया के बाहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वनभूमि पर अवैध कब्जे कर दस हजार से अधिक मकान बना लिए गए हैं। इतना ही नहीं, इन मकानों में पानी और बिजली के कनेक्शन भी ले लिए गए हैं, जिससे अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में बाधाएं आ रही हैं।
जब तक इन अवैध मकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, तब तक प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं है। इस संबंध में जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता को वनभूमि की खसरावार सूची उपलब्ध कराकर कनेक्शन विच्छेद कर आदेश की पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यदि वे स्वयं कब्जे नहीं हटाते हैं, तो जिला प्रशासन और पुलिस बल की सहायता से बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।