
राजस्थान के जोधपुर में नगर निगम की रिकॉर्ड शाखा में कार्यरत कार्मिक भींयाराम को रिकॉर्ड शाखा में ही लगे हुए कर्मचारियों ने उस समय पकड़ा, जब वो शाखा में रिकॉर्ड के फोटो खींच रहा था। हालांकि यह पूरा खेल वहां लगे हुए सीसीटीवी में भी कैद हो गया। इसके बाद रिकॉर्ड के कर्मचारियों ने ही निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी को इसकी सूचना दी।
दरअसल, नगर निगम के संपूर्ण दस्तावेजों को स्कैन करने का कार्य चल रहा है। इसके चलते रेकॉर्ड रूम में निगम आयुक्त की ओर से नियुक्त किए हुए लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति है। इस बीच में निगम के सफाई कर्मचारी और पूर्व महापौर के ड्राइवर रहे भीयाराम ने यहां पर 50 से अधिक पत्रावलियों की फोटो नक्शे के साथ खींचे। इस बात की भनक लगने पर यहां पर कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने इसकी शिकायत निगम आयुक्त से की। उसके बाद प्रशासन चेता और भीयाराम को आयुक्त ने अपने कक्ष में बुला लिया।
निगम आयुक्त रात करीब 9:30 बजे तक भीयाराम से पूछताछ करते रहे। हालांकि उसने भी इस बात को स्वीकार किया कि उसने पत्रावलियों की फोटो खींचे है। निगम आयुक्त ने सभी सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। उसमें भी फोटो खींचते हुए भीयाराम साफ नजर आया। निगम आयुक्त ने भीयाराम को मोबाइल जब्त कर लिया।
निगम की ओर से सभी पत्रावलियों को स्कैन करने के दौरान लगे हुए सभी कर्मचारियों को मोबाइल अंदर ले जाने पर रोक लगाई हुई है। इसके बाद भी मोबाइल अंदर गया और कई पत्रावलियों की फोटो पिछले 2-3 दिन ली जा रही ह। इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि निगम की ओर से शनिवार को ही आदेश निकाला गया था कि 15 अक्टूबर तक प्रतिलिपि नहीं दी जाएगी।