
एम्स जोधपुर में मरीज के परिजनों से मिलने प्रशासनिक अधिकारी। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। पावटा जिला अस्पताल में 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है। शुरुआती जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं होने से मामला और पेचीदा हो गया है। दूसरी ओर एम्स जोधपुर में भर्ती दो प्रसूताओं की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जबकि पावटा अस्पताल में भर्ती छह महिलाओं के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। मंगलवार को एम्स जोधपुर की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने पावटा जिला अस्पताल पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया।
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टीम ने ऑपरेशन थिएटर, उपयोग में ली गई दवाओं और उपकरणों की जांच की। साथ ही प्रभावित प्रसूताओं और उनके परिजनों से बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी ली। समिति ने सर्जरी करने वाली टीम, ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी अध्ययन किया। 20 जून को ऑपरेशन थिएटर से लिए गए विभिन्न सैंपलों की जांच मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में करवाई गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी प्रकार का संक्रमण सामने नहीं आया है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और तीन से चार दिन बाद आने वाली विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही संक्रमण की संभावना को पूरी तरह खारिज किया जा सकेगा।
दवा की गुणवत्ता को लेकर भी जांच जारी है। उपयोग में ली गई दवाओं के नमूने जयपुर स्थित ड्रग लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला संक्रमण से जुड़ा है या दवा अथवा अन्य किसी कारण से महिलाओं की तबीयत बिगड़ी। इससे पहले अल्बर्ट डेविड कंपनी के सोडियम लेक्टेट इंजेक्शन जो कि आरएल फ्लूएड के तौर पर उपयोग में होते हैं, के सभी बैच के उपयोग पर रोक लगाई गई।
एम्स में भर्ती प्रसूताएं ललिता और सोनू अभी भी गंभीर स्थिति में हैं। इनमें ललिता वेंटिलेटर सपोर्ट पर है और दोनों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। पावटा जिला अस्पताल में भर्ती तसलीम, गट्ट कंवर, नंदू कंवर, पायल, संतोष और प्रियंका की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों के महत्वपूर्ण पैरामीटर सामान्य हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें अगले दो दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
जोधपुर के पावटा हॉस्पिटल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी तरह का कोई इंफेक्शन नहीं मिला है। यह शुरुआती 30 घंटे की रिपोर्ट पर आधारित है। इसमें ब्लड कल्चर, यूरिन और वेजाइनल स्वाब के साथ ओटी के उपकरणों के सैम्पल लिए गए थे। उपकरण में कोई बैक्टीरिया नहीं मिला, लेकिन 6 महिलाओं में माइल्ड इंफेक्शन मिला है। अभी 96 घंटे की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही सही कारणों का खुलासा होगा।
जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलक्टर दौलतराम चौधरी ने पावटा जिला अस्पताल तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर अंजुम ताहिर सम्मा ने एम्स का दौरा कर प्रभावित प्रसूताओं के उपचार और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इससे पहले सोमवार देर रात प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने भी प्रसूताओं से मुलाकात की थी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मंगलवार दोपहर को पावटा व एम्स अस्पताल में प्रसूताओं की कुशलक्षेम जानने पहुंचे। यहां चिकित्सकों से अपडेट लिया।
Updated on:
23 Jun 2026 09:53 pm
Published on:
23 Jun 2026 09:43 pm
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