जोधपुर

संजीवनी क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ धोखाधड़ी की दो एफआइआर, एमआर के 14.56 लाख रुपए अटके

राज्य के 1.47 लाख लोगों के एक हजार करोड़ रुपए हड़पने वाली संजीवनी क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ अब जोधपुर में भी एफआइआर दर्ज होने लगी है। न्यू बीजेएस कॉलोनी के एक दवा प्रतिनिधि (एमआर) ने सोसायटी में 14.56 लाख रुपए फंसने के बाद महामंदिर और बासनी थाने में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं।
less than 1 minute read
Feature image

जोधपुर. राज्य के 1.47 लाख लोगों के एक हजार करोड़ रुपए हड़पने वाली संजीवनी क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ अब जोधपुर में भी एफआइआर दर्ज होने लगी है। न्यू बीजेएस कॉलोनी के एक दवा प्रतिनिधि (एमआर) ने सोसायटी में 14.56 लाख रुपए फंसने के बाद महामंदिर और बासनी थाने में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं।

न्यू बीजेएस कॉलोनी निवासी अजयसिंह पुत्र मदनसिंह राठौड़ ने बताया कि सोसायटी के अध्यक्ष विक्रमसिंह इन्द्रोही, एजेंट नरेन्द्र बिंजारिया और स्थानीय शाखा के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज कराए हैं। एमआर अजयसिंह ने रीको की जमीन बेचने से प्राप्त राशि में से खुद व पुत्री के नाम गत वर्ष 25 मई को 2.10 लाख, 27 जुलाई को 1.10 लाख, 22 अक्टूबर को 1.5 लाख, 24 दिसम्बर को 2.5 लाख, 5 फरवरी को 3 लाख और 12 मई को 2 लाख रुपए की एफडीआर मधुबन हाउसिंग बोर्ड स्थित सोसायटी की शाखा में कराई थी। 12.7 लाख की एफडीआर एजेंट नरेन्द्र बिंजारिया के मार्फत कराई गई थी। जिसकी रसीदें भी दी गई थी।

रुपए की आवश्यकता होने पर अजयसिंह ने राशि के लिए सोसायटी के कार्यालय में सम्पर्क किया तो टालमटोल के जवाब मिले। उसने पावटा, मधुबन हाउसिंग बोर्ड और अन्य शाखाओं में कई चक्कर लगाए, लेकिन पिछले दो माह से शाखाओं पर ताले लगे मिले।

इसी प्रकार, अजयसिंह ने 1.86 लाख रुपए की एफडीआर पावटा स्थित सोसायटी के कार्यालय में कराई थी। राशि की आवश्यकता होने पर जब उसने सोसायटी में सम्पर्क किया तो पहले तो टालमटोल की गई, बादमें ऑफिस पर ही ताले लग गए। पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू की है।

Published on:
19 Sept 2019 01:36 pm