जोधपुर

सोने से लकदक रहने वाला व्यवसायी सालभर पहले बना था फायरिंग का शिकार, आज भी चर्चित है मामला

आइए उस दिन की घटना को फिर से याद दिला दें - सरदारपुरा थाने से महज सौ मीटर दूर सी रोड स्थित मोबाइल शो रूम के बाहर पिछले साल इसी दिन की रविवार रात को शोरूम मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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जोधपुर. आपको बीते साल हुई फायरिंग की घटनाएं याद होंगी। एक के बाद एक हुई फायरिंग की घटनाओं ने शांत शहर कहे जाने वाले जोधपुर की सूरत ही बदल कर रख दी थी। पिछले साल के सितंबर महीने से पहले सात महीनों से रंगदारी के लिए अलग-अलग व्यवसायियों, डॉक्टरों व गैंगस्ट्र्स के घर के या कार्यालय के बाहर फायरिंग की घटनाएं खुलेआम हुई थीं। इस दौरान गत वर्ष हुई एक घटना आज भी खासा चर्चित है। सोने से लकदक रहने वाले व्यवसायी वासुदेव इसरानी का मर्डर आज भी लोगों में खौफ पैदा किए हुए है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया है। फिर भी यह मामला चर्चा में बना रहता है।

आइए उस दिन की घटना को फिर से याद दिला दें - सरदारपुरा थाने से महज सौ मीटर दूर सी रोड स्थित मोबाइल शो रूम के बाहर पिछले साल इसी दिन की रविवार रात को शोरूम मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके एक कर्मचारी को भी गोली छूकर निकल गई थी। पदमराज डिपार्टमेंटल स्टोर नामक शोरूम के मालिक वासुदेव इसरानी ने उस रात 10.54 बजे शोरूम के लॉक लगाया ही था कि दो-तीन युवक आ धमके थे। कार की आड़ में उन्होंने बाइक खड़ी की फिर एक युवक ने वासुदेव पर गोलियां चलाईं। एक गोली पीठ में लगी व दूसरी पास खड़े शोरूम कर्मचारी नेमीचंद के हाथ के पंजे को छू कर निकल गई। गोलियों की आवाज से हडक़म्प मच गया था। पुलिस के वाहन चेतक में घायलावस्था में वासुदेव को महात्मा गांधी अस्पताल की आपातकालीन इकाई पहुंचाया गया था। वहां इलाज के दौरान रात 23.35 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया था। वहीं कर्मचारी नेमीचंद का प्राथमिक उपचार किया गया था।

हथियारधारी कमाण्डो एक घंटे पहले निकला था

इस घटना से पूर्व गत 19 जून 2017 को भी हमलावरों ने शो रूम में घुसकर छह-सात गोलियां चला कर व्यवसायी को रंगदारी के लिए धमकाया था। इसके बाद पुलिस ने वासुदेव की सुरक्षा के लिए हथियारधारी कमाण्डो नियुक्त किया था लेकिन कमाण्डो रात दस बजते ही शोरूम से चला गया था। इसके ठीक 55 मिनट बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतक के पुत्र अनिल इसरानी ने बताया कि था कि जून में हुए हमले के बाद हमलावरों ने तीन-चार बार मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर रुपए की मांग की थी। रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। इस बारे में पुलिस को रिकॉर्डिंग सुनाकर शिकायत दी गई थी लेकिन पुलिस हमलावर को पकड़ नहीं पाई थी। फिर लगातार कड़ी जांच के बाद पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। वहीं लॉरेंग गैंग के गुर्गों को पकडऩे वाली टीम को विशेष पदोन्नति दी जाएगी।

Updated on:
17 Sept 2018 12:41 pm
Published on:
17 Sept 2018 12:41 pm