
जोधपुर। देश की सुरक्षा और सेवा का संकल्प लेने वाला जवान जब नशे की तस्करी में उतर जाए तो भरोसा टूटना स्वाभाविक है। एनएसजी के पूर्व कमांडो रतन सिंह जाट की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। असम राइफल्स में भर्ती होकर एनएसजी कमांडो बनने वाला रतनसिंह अब नशे की तस्करी के आरोप में पुलिस के शिकंजे में है। करीब पांच साल पहले वह नगालैंड के कोहिमा में साढ़े चार किलो ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया था।
इस मामले में उसके खिलाफ नारकोटिक्स पदार्थ एवं निषेध विभाग में मामला दर्ज हुआ और करीब 40 दिन जेल में रहने के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अब जोधपुर पुलिस ने उसके घर से 8.264 किलो अफीम का दूध और तस्करी से अर्जित 1 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए बरामद किए है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 12 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस आरोपी से नशे की तस्करी के नेटवर्क, संपत्ति और उसके संपर्कों को लेकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस उपायुक्त पूर्व मनीष चौधरी ने बताया कि आरोपी काफी शातिर है। उसके घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। इतनी बड़ी रकम मिलने से पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बरामद रकम किस-किस सौदे से जुड़ी है और इस नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल है।
पुलिस के अनुसार रतन सिंह वर्ष 2008 में असम राइफल्स में जवान के रूप में भर्ती हुआ था। नागालैंड में तैनाती के दौरान उसका संपर्क वहां सक्रिय तस्करों से हुआ। वर्ष 2017 में वह एनएसजी कमांडो के रूप में नियुक्त हुआ और करीब दो साल तक कमांडो के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में नगालैंड के कोहिमा में ब्राउन शुगर की तस्करी करते पकड़े जाने के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज हुआ। जेल जाने के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
मामले की जांच मंडोर थाना अधिकारी सुरेश सारण कर रहे है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के नागालैंड के तस्करों से संपर्क सामने आया है। पुलिस आरोपी के पुराने संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। आरोपी के मकान पर दबिश के दौरान पुलिस टीम भी उसकी आलीशान संपत्ति देखकर हैरान रह गई। मकान की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। अब पुलिस आरोपी की चल-अचल संपत्ति और आय के स्रोतों की भी जांच कर रही है।