Elevated Road In Jodhpur: जोधपुर शहर को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए 1,243 करोड़ रुपए की फोरलेन एलिवेटेड रोड परियोजना का शिलान्यास किया गया है। इसके साथ ही 220 केवी बालेसर ग्रिड स्टेशन विस्तार को भी मंजूरी मिली है, जिससे बिजली आपूर्ति मजबूत होगी।
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर दौरे के दौरान जोधपुर शहर के लिए महामंदिर से आखलिया चौराहा तक फोरलेन एलिवेटेड रोड निर्माण का शिलान्यास किया। यह फोरलेन रोड महामंदिर से आखलिया सर्कल तक 7.6 किमी लंबी होगी। इसकी लागत 1,243 करोड़ रुपए है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप यह परियोजना जोधपुर की यातायात व्यवस्था को ‘चार गुना’ राहत देने वाली साबित होगी और शहर के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी। महामंदिर चौराहा से आखलिया तिराहे तक बनने वाली यह सड़क शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम करेगी। वर्तमान में इस रूट पर दिनभर भारी यातायात और जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि नवंबर 2023 में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के रूट का विस्तृत निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान महामंदिर चौराहा से आखलिया चौराहे तक पूरे मार्ग का अवलोकन किया गया और जूना खेड़ापति मंदिर, बॉम्बे मोटर, पांचवीं रोड, शनिश्चर जी का थान, जालोरी गेट तथा पुरी तिराहा जैसे प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए रूट को अंतिम रूप दिया गया।
परियोजना के तहत महामंदिर चौराहा से शुरू होकर आखलिया तिराहे तक एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा। पावटा सर्किल से राइकाबाग बस स्टैंड की ओर टू-लेन नीचे उतरेगी। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट के पास से एलिवेटेड रोड को जोड़ा जाएगा, जबकि पुरी तिराहे से रेलवे स्टेशन की ओर टू-लेन कनेक्टिविटी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, पांचवीं रोड से 12वीं रोड तक भी टू-लेन मार्ग जोड़ा जाएगा।
पीएम मोदी ने 227 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 220 केवी बालेसर ग्रिड स्टेशन एवं संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार को भी स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर, निर्बाध और तकनीकी रूप से सक्षम बन सकेगी।
प्रस्तावित विस्तार कार्य के अंतर्गत मौजूदा ग्रिड स्टेशन का उन्नयन, अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर क्षमता की स्थापना तथा नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण शामिल है। शेखावत ने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद वोल्टेज फ्लक्चुएशन और ओवरलोडिंग की समस्या में कमी आएगी तथा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को बेहतर गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध हो सकेगी।