
जोधपुर. देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से उठ रही धूलभरी हवा से लगातार तीसरे दिन गुरुवार को शहर व कस्बे में धूल बरसती रही। करीब 25 से 30 किलोमीटर प्रति घण्टे की गति से चल रही हवा के साथ मिट्टी उडक़र दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कई शहरों तक पहुंच गई। धूल कणों की वजह से देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। मौसम विभाग ने दो-तीन दिन तक धूल भरी हवा चलने का पूर्वानुमान जारी रखा है लेकिन शुक्रवार शाम से हवा में धूल की मात्रा कम हो जाएगी जिससे वायु प्रदूषण से कुछ हद तक निजात मिलेगी।
सूर्यनगरी में न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में 55 फीसदी नमी के बावजूद सायं-सायं करती हवा के झौंकों से तपिश से निजात मिल रही थी। दिनभर तेज हवा के साथ धूल उड़ती रही। हवा के साथ आसमान में दिनभर बादलों की रेलमपेल लगी रही जिसकी वजह से सूरज छिपा रहा। दिन का तापमान 38.1 डिग्री पर आ गया जो सामान्य से दो डिग्री तक कम है। तापमान कम होने से उमस से भी लोगों को कुछ राहत मिली। जैसलमेर व बाड़मेर में भी हवा चलने से तापमान में गिरावट आई। जैसलमेर में रात का तापमान 26.6 व दिन का 39.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 27.4 व अधिकतम 39.2 डिग्री रहा।
56 शहरों में 17 में अधिक वायु प्रदूषण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गुरुवार शाम 4 बजे बीते चौबीस घण्टे में देश के 56 शहरों की वायु गुणवत्ता का मापन किया। इसमें से 17 शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति वैरी पुअर व सीवियर कैटेगरी की थी। जोधपुर खुद सीवियर कैटेगरी में था। इससे ऊपर बोर्ड के पास मानक नहीं है।
शहर का नाम----इनडेक्स वेल्यू
अमृतसर-------- ४५९ पीएम-१०
भिवाड़ी-------- ४२१ पीएम-१०
दिल्ली-------- ४३१ पीएम-१० व पीएम २.५
फरिदाबाद-------- ३१७ पीएम २.५
गाजियाबाद -------- ३८४ पीएम २.५
ग्रेटर नोएडा -------- ५०० पीएम-१०
गुडग़ांव -------- ४८५ पीएम २.५
जोधपुर -------- ४१९ पीएम १०
खन्ना -------- ४९१ पीएम १०
लुधियाणा -------- ४८८ पीएम १०
मण्डी गोबिंदगढ़ -------- ५०० पीएम २.५
मोरादाबाद -------- ४१२ पीएम १०
नोएडा -------- ३९० पीएम २.५
पाली -------- ३०० पीएम २.५
पंचकुला-------- ४०३ पीएम २.५
रोहतक -------- ३५७ पीएम २.५
रुपनगर -------- ४१७ पीएम १०
(पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर धूल के कण है। पीएम-१० कणों का आकार बाल की मोटाई से १० से ३० गुणा कम होता है यानी १० माइक्रोमीटर। पीएम २.५ कण का आकार बाल की मोटाई से ५० से ८० गुणा तक छोटा होता है। ये कण श्वास के साथ शरीर में जाकर हृदय व फेफड़े की बीमारियों को जन्म देते हैं।)